ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

कोटद्वार में हाथियों के झुंड ने वाहनों में की तोड़फोड़, शिक्षकों ने भागकर बचाई जान

पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर हाथियों के एक झुंड ने शिक्षकों से भरे टेंपो ट्रैवलर समेत कई गाड़ियों पर हमला कर भारी तोड़फोड़ की। वाहन में सवार शिक्षकों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, जबकि हाईवे पर करीब ढाई घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।

Herd of Elephants Attacks Tempo Traveler Carrying Teachers on Kotdwar NH-534

HIGHLIGHTS

  • कोटद्वार NH-534 पर हाथियों का जोरदार हमला
  • शिक्षकों के टेंपो ट्रैवलर में भारी तोड़फोड़
  • मिड डे मील राशन और नकदी हुई नष्ट
  • ढाई घंटे तक हाईवे पर लगा रहा जाम

दून हॉराइज़न, पौड़ी गढ़वाल (17 अगस्त 2026): लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत कोटद्वार रेंज में राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर सोमवार सुबह हाथियों के एक बड़े झुंड ने जमकर तोड़फोड़ की। हाईवे से गुजर रहे एक टेंपो ट्रैवलर को हाथियों ने घेरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वाहन में स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं सवार थे, जिन्होंने ऐन वक्त पर बाहर भागकर अपनी जान बचाई।

घटना सुबह करीब पांच बजे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के स्टोर के समीप घटी। हाथियों का विशाल झुंड अचानक जंगल से निकलकर मुख्य सड़क पर आ धमका। उसी समय वहां पहुंचे टेंपो ट्रैवलर को झुंड ने चारों तरफ से घेर लिया।

वाहन के अंदर विद्यालय के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की सामग्री रखी हुई थी। शिक्षकों के लंच टिफिन और निजी बैग भी उसी गाड़ी में मौजूद थे। हाथियों ने खाने की तलाश में खिड़कियों और दरवाजों को तोड़ते हुए पूरे सामान को सड़क पर बिखेर दिया।

शिक्षकों के पर्स में रखी नकदी भी हाथियों के पैरों तले कुचलकर नष्ट हो गई। अप्रत्याशित हमले से गाड़ी के अंदर बैठे शिक्षक बुरी तरह सहम गए। सभी शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन का दरवाजा खोलकर सुरक्षित दूरी की तरफ दौड़ लगाई और अपनी जान बचाई। दहशत के कारण सभी शिक्षक अपने-अपने घरों को लौट गए।

झुंड ने हाईवे से निकल रहे कई अन्य निजी और व्यावसायिक वाहनों पर भी हमला बोला। हाथियों के आक्रामक रुख को देखकर चालकों ने अपने वाहन काफी पीछे ही रोक दिए। सुबह 5 बजे से लेकर 7:30 बजे तक करीब ढाई घंटे हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। दोनों छोर पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की गश्ती टीम को फौरन मौके पर रवाना कर दिया गया था। रेंजर के मुताबिक कुछ वाहन चालकों ने सड़क के दोनों सिरों पर गाड़ियां खड़ी करके अनजाने में हाथियों का पारंपरिक रास्ता रोक दिया था। रास्ता बंद होने से झुंड का तनाव बढ़ गया।

हाइवे के निचले हिस्से में बह रही नदी का जलस्तर भारी बारिश की वजह से बढ़ा हुआ था। पानी अधिक होने के कारण हाथियों के पास जंगल की तरफ उतरने के लिए सीमित जगह बची थी।

झुंड के भीतर कई छोटे शिशु हाथी भी चल रहे थे। नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर वयस्क हाथी बेहद सतर्क और उग्र हो गए थे। बच्चों को खतरा महसूस होने पर हाथियों ने सीधे वाहनों को निशाने पर ले लिया।

वन कर्मियों ने हवाई पटाखे जलाकर और शोर मचाकर हाथियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लंबी मशक्कत के बाद हाथियों के पूरे झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल के भीतर खदेड़ा गया। सड़क खाली होने के बाद साढ़े सात बजे हाईवे पर यातायात सुचारू कराया गया।

कोटद्वार और लैंसडौन क्षेत्र में वन्यजीव गलियारों पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। वन विभाग ने वाहन चालकों को चेतावनी जारी करते हुए हाथियों का झुंड दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनका रास्ता न रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment