दून हॉराइज़न, पौड़ी गढ़वाल (17 अगस्त 2026): लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत कोटद्वार रेंज में राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर सोमवार सुबह हाथियों के एक बड़े झुंड ने जमकर तोड़फोड़ की। हाईवे से गुजर रहे एक टेंपो ट्रैवलर को हाथियों ने घेरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वाहन में स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं सवार थे, जिन्होंने ऐन वक्त पर बाहर भागकर अपनी जान बचाई।
घटना सुबह करीब पांच बजे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के स्टोर के समीप घटी। हाथियों का विशाल झुंड अचानक जंगल से निकलकर मुख्य सड़क पर आ धमका। उसी समय वहां पहुंचे टेंपो ट्रैवलर को झुंड ने चारों तरफ से घेर लिया।
वाहन के अंदर विद्यालय के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की सामग्री रखी हुई थी। शिक्षकों के लंच टिफिन और निजी बैग भी उसी गाड़ी में मौजूद थे। हाथियों ने खाने की तलाश में खिड़कियों और दरवाजों को तोड़ते हुए पूरे सामान को सड़क पर बिखेर दिया।

शिक्षकों के पर्स में रखी नकदी भी हाथियों के पैरों तले कुचलकर नष्ट हो गई। अप्रत्याशित हमले से गाड़ी के अंदर बैठे शिक्षक बुरी तरह सहम गए। सभी शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन का दरवाजा खोलकर सुरक्षित दूरी की तरफ दौड़ लगाई और अपनी जान बचाई। दहशत के कारण सभी शिक्षक अपने-अपने घरों को लौट गए।
झुंड ने हाईवे से निकल रहे कई अन्य निजी और व्यावसायिक वाहनों पर भी हमला बोला। हाथियों के आक्रामक रुख को देखकर चालकों ने अपने वाहन काफी पीछे ही रोक दिए। सुबह 5 बजे से लेकर 7:30 बजे तक करीब ढाई घंटे हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। दोनों छोर पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की गश्ती टीम को फौरन मौके पर रवाना कर दिया गया था। रेंजर के मुताबिक कुछ वाहन चालकों ने सड़क के दोनों सिरों पर गाड़ियां खड़ी करके अनजाने में हाथियों का पारंपरिक रास्ता रोक दिया था। रास्ता बंद होने से झुंड का तनाव बढ़ गया।
हाइवे के निचले हिस्से में बह रही नदी का जलस्तर भारी बारिश की वजह से बढ़ा हुआ था। पानी अधिक होने के कारण हाथियों के पास जंगल की तरफ उतरने के लिए सीमित जगह बची थी।
झुंड के भीतर कई छोटे शिशु हाथी भी चल रहे थे। नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर वयस्क हाथी बेहद सतर्क और उग्र हो गए थे। बच्चों को खतरा महसूस होने पर हाथियों ने सीधे वाहनों को निशाने पर ले लिया।
वन कर्मियों ने हवाई पटाखे जलाकर और शोर मचाकर हाथियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लंबी मशक्कत के बाद हाथियों के पूरे झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल के भीतर खदेड़ा गया। सड़क खाली होने के बाद साढ़े सात बजे हाईवे पर यातायात सुचारू कराया गया।
कोटद्वार और लैंसडौन क्षेत्र में वन्यजीव गलियारों पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। वन विभाग ने वाहन चालकों को चेतावनी जारी करते हुए हाथियों का झुंड दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनका रास्ता न रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।












