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देहरादून में मानसून से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, रिस्पना नदी को साफ करने उतरे डीएम

देहरादून जिला प्रशासन और नगर निगम ने मानसून से पहले रिस्पना और बिंदाल नदी के पुनरुद्धार और सफाई के लिए संयुक्त अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजीव नगर क्षेत्र में खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर 12 जेसीबी और 15 डंपरों से चल रहे सफाई कार्यों का निरीक्षण किया।

देहरादून में मानसून से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, रिस्पना नदी को साफ करने उतरे डीएम

HIGHLIGHTS

  • रिस्पना नदी के 12 किलोमीटर और बिंदाल नदी के 8 किलोमीटर क्षेत्र में युद्धस्तर पर चल रहा है सफाई अभियान।
  • मार्च महीने से शुरू हुए इस विशेष स्वच्छता अभियान के तहत अब तक शहर से 17 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उठाया गया।
  • नमामि गंगे और जिला स्वच्छता समिति के तहत नदियों में गिरने वाले अनट्रीटेड (बिना उपचारित) नालों को रोकने की कार्ययोजना तैयार।
  • मानसून के दौरान जल भराव की समस्या को रोकने के लिए नदी-नालों से मलबा हटाने का काम प्राथमिकता पर।

देहरादून, 17 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मानसून की दस्तक से पहले जल भराव की स्थिति से निपटने और स्थानीय नदियों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नगर निगम की टीम के साथ राजीव नगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने वहां रिस्पना नदी में चल रहे सफाई और पुनरुद्धार कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया।

इस निरीक्षण के दौरान महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नदी क्षेत्र में चल रहे काम की गति और उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की, ताकि वर्षाकाल शुरू होने से पहले जल निकासी की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।

20 किलोमीटर के दायरे में भारी मशीनों से सफाई

शहरी क्षेत्र के भीतर से गुजरने वाली रिस्पना और बिंदाल नदी को मलबे और कचरे से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए गए हैं। नगर निगम की ओर से इस अभियान में 12 जेसीबी मशीनें और 15 डंपर तैनात किए गए हैं। इन भारी मशीनों की मदद से नदी के बहाव को रोकने वाले मलबे और कचरे के ढेरों को हटाया जा रहा है।

वर्तमान में नगर निगम की टीमें रिस्पना नदी के करीब 12 किलोमीटर और बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर के दायरे में सफाई कार्य को अंजाम दे रही हैं। मार्च 2026 से जारी इस विशेष अभियान के तहत अब तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है।

गंदे नालों को रोकने और संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना

निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल तात्कालिक सफाई तक सीमित नहीं है। नमामि गंगे और जिला स्वच्छता समिति के समन्वय से एक व्यावहारिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत नदी किनारे के उन संवेदनशील हॉटस्पॉट को चिह्नित किया जा रहा है जहां लोग लगातार कूड़ा फेंकते हैं।

इसके साथ ही, रिस्पना नदी के पानी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नदी में सीधे आकर गिरने वाले अनट्रीटेड (बिना साफ किए गए) गंदे पानी के नालों की पहचान की जा रही है, ताकि ट्रीटमेंट के बाद ही पानी आगे जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अलग-अलग विभागों के आपसी तालमेल और दृढ़ इच्छाशक्ति से रिस्पना को उसका पुराना स्वरूप वापस लौटाया जाएगा।

इस मौके पर मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय और एसएनएस राजवीर सिंह सहित जिला प्रशासन और नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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