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Uttarakhand News : उत्तराखंड ने रचा इतिहास! 98% साक्षरता दर के साथ बना देश का छठा ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 09 Jul 2026 03:32 PM IST

उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने 'उल्लास' कार्यक्रम के मानकों को पूरा कर यह बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

Uttarakhand News : उत्तराखंड ने रचा इतिहास! 98% साक्षरता दर के साथ बना देश का छठा 'पूर्ण साक्षर' राज्य

मुख्य बातें

  • उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य घोषित हुआ।
  • राज्य की साक्षरता दर वर्तमान में 98 फीसदी से अधिक।
  • 19 जून को धामी कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी।
  • महिला साक्षरता वाले पिछड़े क्षेत्रों को योजना में प्राथमिकता मिली।

देहरादून, 9 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand News : उत्तराखंड को देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में यह ऐतिहासिक कीर्तिमान अपने नाम स्थापित किया है।

यह बड़ी सफलता नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 और ‘उल्लास’ (अंडरस्टैंडिंग लाइफलॉन्ग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी) कार्यक्रम के तहत तय किए गए कड़े मानकों को पूरा करने के बाद मिली है। सरकार ने इस पूरी साक्षरता मुहिम में उन खास इलाकों को सबसे पहले प्राथमिकता पर रखा जहां महिला साक्षरता दर का ग्राफ 60 प्रतिशत से भी नीचे दर्ज था।

उत्तराखंड से पहले देश में यह विशेष उपलब्धि केवल सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा और मिजोरम राज्य ही हासिल कर पाए थे। अब इस सूची में छठा नाम उत्तराखंड का जुड़ गया है।

प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बीते महीने विभागीय अधिकारियों को पूर्ण साक्षर राज्य के दावे से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव तैयार करने के सख्त निर्देश दिए थे। राज्य की साक्षरता दर वर्तमान समय में 98 फीसदी के आंकड़े को पार कर चुकी है।

इस पूरे साक्षरता अभियान के तहत वयस्कों के लिए बुनियादी साक्षरता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया था। शिक्षा मंत्री ने पहले ही साफ किया था कि इस तैयार प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बीती 19 जून को आयोजित हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई थी। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद इस पूरे प्रस्ताव को अंतिम मुहर के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया था।

‘उल्लास’ कार्यक्रम के नियमों के मुताबिक जब किसी राज्य में वयस्कों की साक्षरता दर 95 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाती है और गैर-साक्षर लोगों तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य हासिल होता है, तब उसे पूर्ण साक्षर माना जाता है। इस पूरी योजना के तहत 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षर लोगों की शिक्षा पर पूरा फोकस किया जाता है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया है। सीएम ने कहा कि इस तरह के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत 2047 के बड़े लक्ष्य को समय पर हासिल करने में सीधी मदद मिलेगी।

सरकार आने वाले समय में डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, सतत शिक्षा और जीवनोपयोगी कौशलों को राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रखेगी। इस सफलता में सरकारी प्रयासों के साथ प्रदेश की जनता की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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