दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (01 अक्टूबर) : भारतीय चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज और डिजिटल सिस्टम को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपनी कानूनी जंग और तेज कर दी है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आयोग की आईटी महानिदेशक (DG IT) सीमा खन्ना के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में लिखित शिकायत सौंपी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने फौरन एफआईआर दर्ज करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राथमिक जांच की बात कही है। संसद मार्ग थाने के एसएचओ ने स्पष्ट किया कि वे पूरे मामले के कानूनी पहलुओं को परखेंगे। इसके लिए उन्होंने 5 तारीख तक का वक्त लिया है, ताकि यह तय हो सके कि दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) बनता है या नहीं। महुआ मोइत्रा ने थाने से बाहर आकर साफ कर दिया कि वे पुलिस की कार्रवाई की प्रगति जानने के लिए 6 तारीख को खुद दोबारा थाने पहुंचेंगी।
ECINet और वोटर लिस्ट में डिजिटल बदलाव का आरोप
विवाद की जड़ चुनाव आयोग का मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINet है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस सॉफ्टवेयर और केंद्रीय सर्वर के माध्यम से मतदाता सूचियों के डेटा में ऐसे बदलाव किए गए, जिनकी जानकारी जमीनी स्तर पर तैनात स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों को भी नहीं दी गई।
महुआ मोइत्रा और विपक्षी नेताओं का कहना है कि इसी कथित हेरफेर के चलते देश भर में लाखों पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब हो गए। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों को दरकिनार कर केंद्रीय स्तर से डिजिटल माध्यम द्वारा संचालित की गई, जिसकी सीधी जिम्मेदारी आयोग के आईटी विंग की प्रमुख पर आती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर आईटी चीफ तक बढ़ी तकरार

यह पहला मौका नहीं है जब महुआ मोइत्रा ने सीधे चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व को कानूनी शिकंजे में लेने की कोशिश की है। इससे ठीक पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ही शिकायत दी थी।
टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगातार तीखे हमले बोले हैं। राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर आयोग द्वारा दिए गए बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल उठाए थे। अब आईटी प्रमुख को सीधे लपेटे में लेकर तृणमूल कांग्रेस ने यह संकेत दे दिया है कि वह मतदाता सूची (Voter List) से जुड़े इस तकनीकी और प्रशासनिक विवाद को केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे कानूनी मुकाम तक ले जाएगी।









