लखीमपुर, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। असम के लखीमपुर जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी ही 6 साल की नन्ही बेटी को मौत के घाट उतार दिया। यह सनसनीखेज वारदात डेकरगांव-मुरकोंगसेलेक एक्सप्रेस के भीतर तब हुई जब ट्रेन (Assam Train Murder Case) अपनी रफ्तार में थी।
आरोपी की पहचान धेमाजी जिले के रहने वाले सुनील मुर्मू के रूप में हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, सुनील अपनी बेटी सुमी के साथ बिस्वनाथ चरियाली शहर से ट्रेन में सवार हुआ था। ट्रेन में चढ़ते ही सुनील का व्यवहार असामान्य था और वह कोच में हंगामा कर रहा था।
सुनील के शोर-शराबे और आक्रामक व्यवहार से डरकर कोच में मौजूद कई यात्री अपनी सीट छोड़कर दूसरे डिब्बों में चले गए। इसी बीच सुनील का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने अपनी मासूम बेटी को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बच्ची अभी संभल भी नहीं पाई थी कि सुनील ने अपने पास रखे थैले से एक धारदार चाकू निकाला।
इससे पहले कि सहमे हुए यात्री कुछ समझ पाते या बीच-बचाव कर पाते, आरोपी ने सुमी का गला काट दिया। डिब्बे के भीतर खून की धार बहने लगी और मासूम की चीखें पूरे ट्रेन में गूंज उठीं। वारदात के बाद कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस (GRP) को सूचना दी।
जैसे ही ट्रेन सिलोनिबारी रेलवे स्टेशन पर रुकी, जीआरपी के जवानों ने घेराबंदी कर आरोपी सुनील मुर्मू को मौके से दबोच लिया। पुलिस ने लहूलुहान हालत में बच्ची के शव को कब्जे में लिया। इस वीभत्स घटना के कारण ट्रेन को स्टेशन पर काफी देर तक खड़ा रहना पड़ा और यात्रियों के बयान दर्ज करने के बाद सुबह करीब 10:58 बजे ट्रेन आगे रवाना हुई।
लखीमपुर पुलिस के अनुसार, आरोपी के अपने सगे भाई ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को लखीमपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति और पारिवारिक विवाद के एंगल से पूछताछ कर रही है।










