बारामूला, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रचंड प्रहार ने घाटी की तस्वीर बदल दी है। शनिवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने बारामूला के मुख्य राजमार्ग और निचले इलाकों को तालाब में तब्दील कर दिया है।
जलभराव का आलम यह है कि स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए बारामूला नगर परिषद की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और मशीनों के जरिए पानी की निकासी कर यातायात को सुगम बनाने की कोशिशें जारी हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सड़कों पर पानी का सैलाब ला दिया है। गलियों में पानी भरने से पैदल चलना दूभर हो गया है। हालांकि, प्रशासन ड्रेनेज सिस्टम को साफ करने में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश प्रयासों पर पानी फेर रही है।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज कश्मीर और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी का अनुमान है। कुछ स्थानों पर क्लाउड बर्स्ट जैसी स्थिति या बेहद तेज बारिश भी हो सकती है।
आने वाले दिनों का शेड्यूल बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। 5 से 7 अप्रैल के बीच आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन 8 और 9 अप्रैल को एक बार फिर हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर लौटेगा।
विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), भूस्खलन (Landslides) और पहाड़ों से पत्थर गिरने (Shooting Stones) की घटनाएं हो सकती हैं। विशेष रूप से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति देखकर ही निकलने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए भी यह समय परीक्षा का है। मौसम विभाग ने 4, 7 और 8 अप्रैल के दौरान तेज हवाओं, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की है। बागवानी और खेती से जुड़े लोगों को हिदायत दी गई है कि वे फिलहाल कीटनाशकों का छिड़काव या अन्य कृषि कार्य रोक दें।
10 और 11 अप्रैल को भी छिटपुट बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। राहत की बात केवल यह है कि 12 से 15 अप्रैल के बीच मौसम में सुधार होने और धूप खिलने की उम्मीद है।







