प्रयागराज, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP Latest Update)) ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के उन हजारों छात्र-छात्राओं को एक और जीवनदान दिया है, जो मुख्य परीक्षाओं के दौरान प्रैक्टिकल देने से चूक गए थे।
बोर्ड सचिव ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 9 और 10 अप्रैल को विशेष अभियान चलाकर इन परीक्षाओं को संपन्न कराया जाएगा। यह फैसला उन छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो बीमारी या अन्य व्यक्तिगत कारणों से परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाए थे।
बोर्ड इस बार रिजल्ट की सुचिता और पूर्णता को लेकर बेहद गंभीर है, यही वजह है कि परिणाम जारी करने की अंतिम तैयारियों के बीच यह विशेष विंडो खोली गई है।
इस प्रक्रिया में केवल वही छात्र शामिल हो सकेंगे जिनका डेटा बोर्ड के पोर्टल पर ‘एब्सेंट’ श्रेणी में है या जिनके अंक तकनीकी खामियों के चलते स्कूलों द्वारा अब तक नहीं भेजे जा सके हैं।
उत्तर प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में परीक्षा केंद्र तय कर छात्रों को सूचित करें। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे बिना देरी किए अपने स्कूल के प्रधानाचार्य से संपर्क साधें और अपने निर्धारित केंद्र की जानकारी जुटाएं।
परीक्षा के दिन अपना मूल एडमिट कार्ड और संबंधित विषय की लैब मैनुअल या प्रोजेक्ट फाइल ले जाना अनिवार्य होगा। बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को लैब में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी बोर्ड इस साल रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित करने की योजना बना रहा है।
साल 2024 में बोर्ड ने 20 अप्रैल को नतीजे जारी कर दिए थे, लेकिन इस बार कॉपियों के मूल्यांकन की गति और प्रैक्टिकल के लिए तुरंत पोर्टल खोलने के फैसले से संकेत मिल रहे हैं कि बोर्ड अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक रिजल्ट जारी करने की स्थिति में आ सकता है।
प्रैक्टिकल परीक्षा के तुरंत बाद संबंधित परीक्षकों को उसी दिन या अगले 24 घंटों के भीतर अंक ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। बोर्ड का सख्त निर्देश है कि इसके बाद किसी भी स्थिति में नया अवसर नहीं दिया जाएगा।
यदि कोई छात्र इस दो दिवसीय विशेष सत्र में भी अनुपस्थित रहता है, तो उसकी मार्कशीट पर ‘Incomplete’ दर्ज होगा, जिससे उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है।










