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चोरगलिया और सितारगंज जाने वालों के लिए बड़ी राहत, 9.93 करोड़ का प्रोजेक्ट अब पूरी तरह तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चोरगलिया में शेर नाला पर 993 लाख रुपये की लागत से बने 120 मीटर लंबे डबल लेन आरसीसी पुल का लोकार्पण किया। इस नए पुल के शुरू होने से हल्द्वानी-सितारगंज मार्ग पर बरसात के दौरान लगने वाले लंबे जाम और आवागमन की दिक्कतों से आम जनता व पर्यटकों को स्थाई राहत मिल गई है।

Sher Nala Bridge inaugurated on Haldwani-Sitarganj route by CM Pushkar Singh Dhami

HIGHLIGHTS

  • शेर नाला पर 120 मीटर डबल लेन आरसीसी पुल शुरू।
  • परियोजना पर कुल 993.00 लाख रुपये खर्च हुए।
  • हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज मार्ग पर सुगम हुआ यातायात।
  • सीएम ने अधिकारियों को जनसमस्याएं तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए।

दून हॉराइज़न, हल्द्वानी (16 अगस्त 2026): हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज मार्ग पर शेर नाला पर बने 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी कंक्रीट सेतु का विधिवत लोकार्पण हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 993.00 लाख रुपये की लागत से तैयार इस नए पुल की सौगात क्षेत्रीय जनता को सौंपी। लंबे समय से बरसात के दिनों में उफान पर आने वाले नाले के कारण यह पूरा मार्ग बंद हो जाता था।

मुख्यमंत्री अपने नैनीताल जनपद भ्रमण के तहत राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पहुंचे थे। लाखनमंडी स्थित हेलीपैड पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने उनका स्वागत किया। मंच पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई दायित्वधारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे जनता से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं सुनीं।

जनसमस्याओं के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए। किसी भी नागरिक को अपने छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। जनता से जुड़े मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।

शेर नाला मानसून के मौसम में भारी बारिश के बाद विकराल रूप ले लेता था। पानी का बहाव तेज होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मीलों लंबा चक्कर काटकर वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ता था।

120 मीटर लंबे कंक्रीट पुल के चालू होने से कुमाऊं और तराई क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। स्थानीय निवासियों के साथ सितारगंज और खटीमा की ओर जाने वाले पर्यटकों और व्यावसायिक वाहनों को अब जलभराव के दौरान रुकना नहीं पड़ेगा।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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