नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। सुरक्षित भविष्य और बिना जोखिम के नियमित कमाई की चाह रखने वाले बुजुर्गों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी निवेश का सबसे मजबूत किला बना हुआ है। अप्रैल 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में इस वक्त स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने अपनी ब्याज दरों से बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। अगर आप 3 साल के लिए निवेश का प्लान कर रहे हैं, तो कुछ चुनिंदा बैंक 8 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न सीधे आपके खाते में पहुंचा रहे हैं।
रिटायरमेंट के बाद शेयर बाजार की उठापटक से दूर रहने वाले निवेशकों के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) इस समय ‘गेम चेंजर’ साबित हो रहे हैं। जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी दरों को 8 फीसदी के शिखर पर बरकरार रखा है।
वहीं उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.7 प्रतिशत और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज की पेशकश कर रहे हैं। इक्विटास और स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक में भी 7.5 प्रतिशत का फिक्स्ड रिटर्न मिल रहा है, जो पारंपरिक बैंकों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
निजी क्षेत्र के बड़े खिलाड़ियों की बात करें तो यहाँ भी प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। बंधन बैंक और यस बैंक ने सीनियर सिटीजन्स को लुभाने के लिए 7.75 प्रतिशत की आकर्षक दरें तय की हैं। आरबीएल बैंक 7.7 प्रतिशत और एसबीएम बैंक इंडिया 7.6 प्रतिशत का लाभ दे रहे हैं।
हालांकि, बैंकिंग जगत के ‘बिग थ्री’ यानी एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक फिलहाल सुरक्षा के बदले थोड़ा कम रिटर्न दे रहे हैं। इन तीनों बैंकों में 3 साल की एफडी पर ब्याज दर 6.95 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बनी हुई है।
| बैंक का नाम | ब्याज दर (3 वर्ष की FD) |
| जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% |
| बंधन बैंक / यस बैंक | 7.75% |
| उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.70% |
| आरबीएल बैंक | 7.70% |
| बैंक ऑफ इंडिया (BOI) | 7.00% |
| SBI / PNB | 6.80% |
सरकारी बैंकों पर भरोसा जताने वाले करोड़ों बुजुर्गों के लिए भी अच्छी खबर है। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) वर्तमान में पीएसयू सेक्टर में सबसे बेहतर 7 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) अपने वरिष्ठ ग्राहकों को 6.8 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न दे रहे हैं। अन्य सरकारी बैंकों में यह ग्राफ 5.75 से 6.75 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि रेपो रेट में स्थिरता और बैंकों के बीच डिपॉजिट जमा करने की बढ़ती होड़ के कारण आने वाले कुछ महीनों तक ये दरें स्थिर रह सकती हैं। गौरतलब है कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि ‘डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन’ (DICGC) के तहत पूरी तरह सुरक्षित होती है, जो इसे सरकारी बैंकों जितना ही विश्वसनीय बनाती है।
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स सेविंग एफडी का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज के साथ टैक्स बचत का दोहरा लाभ मिलता है।










