home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

9 करोड़ से ज्यादा PAN कार्ड हुए रद्दी, आयकर विभाग ने रिफंड रोकने की बताई बड़ी वजह

देश के 1.3 लाख टैक्सपेयर्स का करीब 340 करोड़ रुपये का रिफंड सिर्फ इसलिए अटक गया है क्योंकि उनके पैन कार्ड निष्क्रिय (Inoperative) हो चुके हैं। वित्त मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया है कि जब तक पैन-आधार लिंक नहीं होगा, तब तक रिफंड जारी नहीं किया जाएगा।

9 करोड़ से ज्यादा PAN कार्ड हुए रद्दी, आयकर विभाग ने रिफंड रोकने की बताई बड़ी वजह

HIGHLIGHTS

  • 1 जनवरी 2026 तक देश में 9.25 करोड़ पैन कार्ड इनऑपरेटिव घोषित किए जा चुके हैं।
  • सरकार ने पैन-आधार लिंकिंग की लेट फीस के तौर पर अब तक ₹2,338.31 करोड़ वसूले हैं।
  • इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139AA के तहत बिना एक्टिव पैन के रिफंड देना कानूनी रूप से मुमकिन नहीं है।

नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आयकर विभाग के पास आपका रिफंड तैयार है, लेकिन एक छोटी सी तकनीकी चूक ने करोड़ों रुपयों पर ताला लगा दिया है। केंद्र सरकार ने संसद में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि देश के 1.3 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स का रिफंड सिर्फ इसलिए प्रोसेस नहीं हो पा रहा है क्योंकि उनके पैन कार्ड (PAN) सक्रिय नहीं हैं।

वित्त मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन रुके हुए मामलों में कुल ₹340.30 करोड़ की भारी-भरकम राशि फंसी हुई है। यह स्थिति उन टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा झटका है जो महीनों से अपने रिफंड का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने दो टूक कहा है कि व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए पैन को आधार से जोड़ना अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

आंकड़ों की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि 1 जनवरी 2026 तक देश में लगभग 9.25 करोड़ पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि एक बड़ी आबादी ने अब तक सरकार की डेडलाइन का पालन नहीं किया है। इस लापरवाही का असर केवल रिफंड रुकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी जेब पर भी सीधा असर डाल रहा है।

विवरण सांख्यिकी / आंकड़े
कुल फंसा हुआ रिफंड ₹340.30 करोड़
प्रभावित टैक्सपेयर्स 1.3 लाख से अधिक
कुल इनऑपरेटिव पैन 9.25 करोड़
वसूली गई लेट फीस ₹2,338.31 करोड़

पैन-आधार लिंक करने में देरी करने वालों से सरकार ने अब तक ₹2,338.31 करोड़ की लेट फीस वसूली है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भले ही आपका पैन इनऑपरेटिव हो, आपका आईटीआर (ITR) प्रोसेस हो जाता है और टीडीएस का क्रेडिट भी मिल जाता है। लेकिन, इनकम टैक्स की धारा 139AA के तहत रिफंड तब तक बैंक खाते में नहीं भेजा जा सकता, जब तक पैन कार्ड दोबारा एक्टिव न हो जाए।

इस तकनीकी पेंच के कारण विभाग के पास शिकायतों का अंबार लग गया है। साल 2024-25 में जहां 1,114 शिकायतें दर्ज की गई थीं, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,156 तक पहुंच गया है। कुल 2,270 लोग अब तक आधिकारिक तौर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ रिटर्न दाखिल करना ही काफी नहीं है। अगर आप अपना पैसा वापस चाहते हैं, तो तुरंत इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपने पैन का स्टेटस चेक करें। यदि वह इनऑपरेटिव है, तो निर्धारित लेट फीस भरकर उसे आधार से लिंक कराएं। जब तक पोर्टल पर आपका पैन ‘Active’ नहीं दिखेगा, विभाग की तिजोरी से आपका पैसा बाहर नहीं निकलेगा।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

Leave a Comment