नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आयकर विभाग के पास आपका रिफंड तैयार है, लेकिन एक छोटी सी तकनीकी चूक ने करोड़ों रुपयों पर ताला लगा दिया है। केंद्र सरकार ने संसद में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि देश के 1.3 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स का रिफंड सिर्फ इसलिए प्रोसेस नहीं हो पा रहा है क्योंकि उनके पैन कार्ड (PAN) सक्रिय नहीं हैं।
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन रुके हुए मामलों में कुल ₹340.30 करोड़ की भारी-भरकम राशि फंसी हुई है। यह स्थिति उन टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा झटका है जो महीनों से अपने रिफंड का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने दो टूक कहा है कि व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए पैन को आधार से जोड़ना अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
आंकड़ों की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि 1 जनवरी 2026 तक देश में लगभग 9.25 करोड़ पैन कार्ड इनऑपरेटिव हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि एक बड़ी आबादी ने अब तक सरकार की डेडलाइन का पालन नहीं किया है। इस लापरवाही का असर केवल रिफंड रुकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी जेब पर भी सीधा असर डाल रहा है।
| विवरण | सांख्यिकी / आंकड़े |
| कुल फंसा हुआ रिफंड | ₹340.30 करोड़ |
| प्रभावित टैक्सपेयर्स | 1.3 लाख से अधिक |
| कुल इनऑपरेटिव पैन | 9.25 करोड़ |
| वसूली गई लेट फीस | ₹2,338.31 करोड़ |
पैन-आधार लिंक करने में देरी करने वालों से सरकार ने अब तक ₹2,338.31 करोड़ की लेट फीस वसूली है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भले ही आपका पैन इनऑपरेटिव हो, आपका आईटीआर (ITR) प्रोसेस हो जाता है और टीडीएस का क्रेडिट भी मिल जाता है। लेकिन, इनकम टैक्स की धारा 139AA के तहत रिफंड तब तक बैंक खाते में नहीं भेजा जा सकता, जब तक पैन कार्ड दोबारा एक्टिव न हो जाए।
इस तकनीकी पेंच के कारण विभाग के पास शिकायतों का अंबार लग गया है। साल 2024-25 में जहां 1,114 शिकायतें दर्ज की गई थीं, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,156 तक पहुंच गया है। कुल 2,270 लोग अब तक आधिकारिक तौर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ रिटर्न दाखिल करना ही काफी नहीं है। अगर आप अपना पैसा वापस चाहते हैं, तो तुरंत इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपने पैन का स्टेटस चेक करें। यदि वह इनऑपरेटिव है, तो निर्धारित लेट फीस भरकर उसे आधार से लिंक कराएं। जब तक पोर्टल पर आपका पैन ‘Active’ नहीं दिखेगा, विभाग की तिजोरी से आपका पैसा बाहर नहीं निकलेगा।










