home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

PM Kisan 23rd Installment : जून-जुलाई में आएगी पीएम किसान की अगली किस्त, लेकिन इन किसानों का पैसा अटकना तय

केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बिना यूनिक किसान आईडी के पैसा अटक सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 14 राज्यों के करोड़ों किसानों को जून-जुलाई में मिलने वाली किस्त से पहले यह डिजिटल पहचान पत्र बनवाना होगा।

PM Kisan 23rd Installment : जून-जुलाई में आएगी पीएम किसान की अगली किस्त, लेकिन इन किसानों का पैसा अटकना तय

HIGHLIGHTS

  • 23वीं किस्त के लिए यूनिक फार्मर आईडी (Farmer ID) अनिवार्य, 14 राज्यों में नियम सख्त।
  • आधार, खसरा-खतौनी और ई-केवाईसी के जरिए ऑनलाइन बनेगा नया डिजिटल पहचान पत्र।
  • जून या जुलाई 2026 में किसानों के खातों में भेजी जा सकती है अगली 2000 रुपये की राशि।

नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त मार्च में मिलने के बाद अब अगली राशि को लेकर नियमों में बड़ा फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना ‘फार्मर आईडी’ यानी किसान पहचान पत्र के अगली किस्त का भुगतान अधर में लटक सकता है।

सरकार ने इस डिजिटल व्यवस्था को खासतौर पर फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करने के लिए लागू किया है। अगर आप सालाना 6000 रुपये की मदद पाते हैं, तो अब केवल बैंक खाता और आधार लिंक होना काफी नहीं होगा।

इन राज्यों में लागू हुआ सख्त नियम

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों समेत कुल 14 राज्यों में इस नियम को अनिवार्य श्रेणी में डाल दिया गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के किसानों को भी अब इसी व्यवस्था के तहत अपनी पात्रता साबित करनी होगी। साल 2026 की शुरुआत से ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए इसे आधार बनाया जा चुका है, लेकिन अब पुराने लाभार्थियों को भी इस दायरे में लाया जा रहा है।

क्या है यह ‘यूनिक फार्मर आईडी’?

यह आईडी असल में ‘AgriStack’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो हर किसान का एक डिजिटल प्रोफाइल तैयार करता है। इसमें किसान की जमीन का रकबा, बोई गई फसलों का विवरण, उपयोग किए गए उर्वरक और यहां तक कि पशुपालन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दर्ज होगी। यह कार्ड बन जाने के बाद किसानों को खाद-बीज की सब्सिडी या फसल बीमा के क्लेम के लिए बार-बार पटवारी या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

रजिस्ट्रेशन का तरीका और जरूरी दस्तावेज

किसान आईडी बनवाने की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और ऑनलाइन रखी गई है। लाभार्थी को अपने राज्य के कृषि विभाग या आधिकारिक ‘AgriStack’ पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, उससे लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज जैसे खसरा या जमाबंदी की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही पोर्टल पर ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी करना भी अनिवार्य शर्त है।

कब तक खाते में आएगी 23वीं किस्त?

पीएम किसान योजना के भुगतान चक्र को देखें तो हर चार महीने में किस्त जारी की जाती है। नवंबर 2025 में 21वीं और मार्च 2026 में 22वीं किस्त के ट्रांसफर के बाद अब 23वीं किस्त का समय नजदीक आ रहा है। पूरी संभावना है कि सरकार जून के आखिरी हफ्ते या जुलाई 2026 की शुरुआत में किसानों के खातों में सीधे 2000 रुपये ट्रांसफर करेगी। हालांकि, जिन किसानों का डेटा ‘फार्मर रजिस्ट्री’ में अपडेट नहीं होगा, उनकी राशि रोकी जा सकती है।

अड़चन आने पर यहां करें शिकायत

अगर आपको रजिस्ट्रेशन में तकनीकी दिक्कत आ रही है या पिछली किस्त का पैसा नहीं मिला है, तो कृषि मंत्रालय की हेल्पलाइन मदद कर सकती है। किसान टोल-फ्री नंबर 155261 या 1800115526 पर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली मुख्यालय के नंबर 011-23381092 और आधिकारिक ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in के जरिए भी समाधान पाया जा सकता है।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

Leave a Comment