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Chamoli News : पहले धारदार हथियार से किया पत्नी और बेटे पर हमला, फिर जंगल में जाकर दे दी जान

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और मासूम बेटे पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार देर शाम देवाल के ओड़र गांव में हुई। आरोपी गजेंद्र सिंह गड़िया ने अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी और 7 वर्षीय बेटे मयंक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पड़ोसियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। शनिवार सुबह आरोपी का शव गांव से 500 मीटर दूर जंगल में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Chamoli News : पहले धारदार हथियार से किया पत्नी और बेटे पर हमला, फिर जंगल में जाकर दे दी जान

HIGHLIGHTS

  • आरोपी गजेंद्र सिंह गड़िया ने शुक्रवार शाम पत्नी लक्ष्मी और बेटे मयंक पर थमाली (धारदार हथियार) से हमला किया।
  • वारदात के बाद आरोपी रात भर गांव में हथियार लेकर घूमता रहा और बाद में जंगल में जाकर जान दे दी।
  • थराली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया है।

 

Chamoli News : उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले के थराली (Tharali) थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओड़र गांव में शुक्रवार देर शाम एक व्यक्ति ने घरेलू हिंसा की चरम सीमा पार कर दी। आरोपी गजेंद्र सिंह गड़िया (Gajendra Singh Gadiya) ने अपनी 37 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी देवी (Lakshmi Devi) और 7 वर्षीय बेटे मयंक (Mayank) पर धारदार हथियार ‘थमाली’ से हमला किया।

इस हमले में मां और बेटा दोनों लहूलुहान हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बचाया और 108 एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार केंद्र देवाल भेजा।

मानसिक बीमारी और गांव में दहशत का माहौल

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार 40 वर्षीय गजेंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ था। शुक्रवार शाम उसने अचानक हिंसक होकर परिवार पर हमला कर दिया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

वारदात को अंजाम देने के बाद गजेंद्र हाथ में हथियार लेकर देर रात तक गांव की गलियों में घूमता रहा। उसकी आक्रामकता के कारण ग्रामीणों में भारी डर व्याप्त था और कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

जंगल में मिला आरोपी का शव

देर रात गजेंद्र चिल्लाते हुए पास के जंगल की ओर भाग गया था। शनिवार सुबह जब वह घर नहीं लौटा, तो ग्रामीणों और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान ओड़र गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर गजेंद्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। थराली के थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया (Vinod Chaurasia) ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्राथमिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।

पुलिस कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग (Karnaprayag) भेज दिया है। गांव की प्रधान प्रेमा देवी (Prema Devi) ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पुलिस फिलहाल मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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