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Chamoli : जाम में फंसी गर्भवती की गाड़ी, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्कूटी से पहुंचकर बचाई जान

बदरीनाथ हाईवे पर लगे लंबे जाम में फंसी एक गर्भवती महिला के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम संकटमोचक बनकर पहुंची। एंबुलेंस जाने का रास्ता न होने पर महिला कर्मियों ने स्कूटी से मौके पर पहुंचकर गाड़ी के अंदर ही सुरक्षित प्रसव कराया।

Chamoli : जाम में फंसी गर्भवती की गाड़ी, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्कूटी से पहुंचकर बचाई जान

HIGHLIGHTS

  • जोशीमठ के जोगीधारा के पास बदरीनाथ हाईवे के जाम में फंसी थी गर्भवती महिला।
  • एंबुलेंस न पहुंच पाने की स्थिति में एएनएम मंदाकिनी और रजनी स्कूटी से मौके पर पहुंचीं।
  • स्थानीय आशा कार्यकर्ता आशा देवी की मदद से सड़क किनारे खड़ी गाड़ी में कराया गया प्रसव।
  • सीएचसी जोशीमठ के अधीक्षक डॉ. गौतम ने जच्चा-बच्चा दोनों के सुरक्षित होने की पुष्टि की।

चमोली, 23 मई (दून हॉराइज़न)। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे भीषण जाम के बीच स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की जान बचाई। एंबुलेंस के लिए रास्ता न होने पर महिला स्वास्थ्यकर्मी स्कूटी से मौके पर पहुंचीं और सड़क किनारे खड़ी गाड़ी में ही सुरक्षित प्रसव कराया।

जोशीमठ विकासखंड के किमाणा गांव की रहने वाली रजनी देवी नियमित चेकअप के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोशीमठ जा रही थीं। इसी दौरान जोगीधारा के पास उनका वाहन हाईवे के लंबे जाम में फंस गया और उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी।

वाहनों की लंबी कतार के कारण मौके पर एंबुलेंस या किसी अन्य चार पहिया वाहन का पहुंचना पूरी तरह से नामुमकिन था। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मदद मांगी।

जाम की स्थिति और समय की कमी को देखते हुए सीएचसी जोशीमठ में तैनात एएनएम मंदाकिनी और सलूड़ गांव की एएनएम रजनी ने गाड़ी के बजाय स्कूटी से जाने का फैसला किया। दोनों स्वास्थ्यकर्मी संकरे रास्तों और जाम के बीच से होते हुए किसी तरह जोगीधारा पहुंचीं।

मौके पर पहुंचकर उन्होंने स्थानीय आशा कार्यकर्ता आशा देवी की मदद ली और वाहन को ही सुरक्षित प्रसव कक्ष में तब्दील कर दिया। स्वास्थ्य टीम के इस त्वरित निर्णय से महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

सीएचसी जोशीमठ के अधीक्षक डॉ. गौतम ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जाम के कारण मरीज को अस्पताल तक शिफ्ट करना संभव नहीं था, इसलिए टीम ने मौके पर ही प्रसव कराने का आपातकालीन निर्णय लिया।

डॉ. गौतम ने बताया कि फिलहाल स्टाफ नर्स रजनी और चिकित्सकीय टीम द्वारा मां और बच्चे का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। दोनों पूरी तरह से सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट पर है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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