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Chardham Yatra 2026 : बदरीनाथ-केदारनाथ में मोबाइल और रील पर पाबंदी, BKTC ने जारी की नई गाइडलाइंस।

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 के लिए अब तक 6.17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है, जिसमें केदारनाथ के प्रति सर्वाधिक रुझान देखा गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा सुविधाओं के लिए 121 करोड़ रुपये का बजट पास करते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल और रील बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

Published On: मार्च 17, 2026 7:11 अपराह्न
Chardham Yatra 2026 : बदरीनाथ-केदारनाथ में मोबाइल और रील पर पाबंदी, BKTC ने जारी की नई गाइडलाइंस।

HIGHLIGHTS

  • केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ के 23 अप्रैल को खुलेंगे।
  • मंदिर समिति ने गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया।
  • तीर्थ पुरोहितों के लिए विशेष 'कल्याण कोष' की स्थापना को मंजूरी मिली।

देहरादून। उत्तराखंड में हिमालयी धामों की यात्रा (Chardham Yatra 2026) को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और महज दो हफ्तों के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा 6.17 लाख के पार पहुंच गया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आगामी यात्रा सीजन 2026-27 के लिए 121 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। इस बार केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 2.06 लाख और बदरीनाथ के लिए 1.82 लाख से ज्यादा भक्तों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए परिसर में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा ताकि दर्शन व्यवस्था में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का नया शिविर कार्यालय खोला जाएगा ताकि यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके।

समिति ने एक बड़ा नीतिगत निर्णय लेते हुए मंदिर परिसर में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर शासन को भेज दिया है। धार्मिक शुचिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ तीर्थ पुरोहितों के आर्थिक संरक्षण के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ की स्थापना की जा रही है। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बदरीनाथ धाम हेतु 57.47 करोड़ और केदारनाथ के लिए 63.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष शीतकालीन पूजा स्थलों पर भी रिकॉर्ड भीड़ देखी गई, जहां 16 मार्च तक 51 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी। प्रशासन अब मंदिर परिसरों के रंग-रोगन, रेलिंग मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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