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‘करे कोई और भरे कोई…’, अंकिता प्रकरण में पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई के जरिए सरकार मूल मुद्दे और 'वीआईपी' के नाम से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।

'करे कोई और भरे कोई...', अंकिता प्रकरण में पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

देहरादून, 16 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राज्य सरकार की ध्यान भटकाने वाली रणनीति करार दिया है।

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मंगलवार को कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और भ्रामक तथ्य पेश करने वालों की जांच होनी चाहिए, लेकिन सरकार की नीयत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब राज्य सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी, तो अब कोई और संस्था इतनी सक्रिय भूमिका में क्यों नजर आ रही है।

सीबीआई जांच और असली आरोपी पर सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने जांच की स्थिति पर स्थिति साफ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश जानना चाहता है कि सीबीआई की जांच आखिर कहां तक पहुंची है और अब तक क्या-क्या तथ्य सामने आए हैं।

दसौनी ने आशंका जताई कि कहीं सरकार इस नई कार्रवाई के जरिए अंकिता हत्याकांड के मूल सवालों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास तो नहीं कर रही है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे कहीं न कहीं असली आरोपियों को बचाने की कोशिश हो सकती है।

‘वीआईपी’ के नाम पर अब भी रहस्य

इस प्रकरण के सबसे संवेदनशील पहलू को उठाते हुए दसौनी ने कहा कि शुरुआत से ही जिस तथाकथित ‘वीआईपी’ का जिक्र बार-बार होता रहा है, उसकी पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि जांच एजेंसियों और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वीआईपी वाले एंगल की जांच में अब तक क्या सच्चाई सामने आई है।

कांग्रेस का कहना है कि सिर्फ आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर पूरे मामले को समेट देना न्याय नहीं है। जनता जानना चाहती है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हुई या नहीं।

दसौनी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विरोध में नहीं है, बल्कि जांच से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब गिरफ्तारी से ज्यादा सच्चाई और जवाब चाहती है ताकि किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया न जा सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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