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Kailash Mansarovar Yatra : भूस्खलन से बंद हुआ कैलाश मानसरोवर रूट फिर से बहाल, दौड़ने लगी गाड़ियां

10 जुलाई को भूस्खलन के कारण बाधित हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट बीआरओ की प्रोजेक्ट हीराक टीम ने बहाल कर दिया है। यात्री वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है और यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।

Kailash Mansarovar Yatra : भूस्खलन से बंद हुआ कैलाश मानसरोवर रूट फिर से बहाल, दौड़ने लगी गाड़ियां

HIGHLIGHTS

  • BRO की प्रोजेक्ट हीराक टीम ने मानसरोवर रूट बहाल किया।
  • 10 जुलाई को भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग बंद था।
  • सीएम धामी ने 5 जुलाई को पहला जत्था रवाना किया।
  • टनकपुर से 49 शिव भक्तों का दल यात्रा पर है।

देहरादून, 12 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Kailash Mansarovar Yatra : उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट पूरी तरह से बहाल हो गया है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने इस मार्ग को तीर्थयात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित कर दिया है।

बीती 10 जुलाई को इस अहम रूट पर भारी भूस्खलन हुआ था। पहाड़ से मलबा गिरने के कारण सीमांत मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था और यात्रा रोकनी पड़ी थी।

बीआरओ की प्रोजेक्ट हीराक टीम ने मार्ग बहाली का जिम्मा संभाला। टीम के सदस्यों ने दिन-रात एक कर सड़क से विशाल मलबा और पत्थर हटाए।

रास्ता खुलने के बाद तीर्थयात्रियों की गाड़ियां फिर से अपने गंतव्य की ओर बढ़ने लगी हैं। सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।

बीआरओ ने अपनी आधिकारिक जानकारी में कहा कि वे सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने का काम कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों में भी धार्मिक यात्राओं को सुरक्षित रूप से संभव बनाया जा रहा है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू परंपरा में भगवान शिव का पवित्र निवास स्थान मानी जाती है। हर साल सैकड़ों की संख्या में भारतीय नागरिक वैध पासपोर्ट के साथ यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायी भी इस तीर्थ पर बड़ी संख्या में आते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीती 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी। यह कार्यक्रम चंपावत जिले के टनकपुर स्थित टूरिस्ट रेस्ट हाउस में रखा गया था।

पहले जत्थे में भगवान शिव के 49 भक्त शामिल थे। मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों को विदा करते हुए इसे अपने लिए एक बेहद भावुक पल बताया था।

राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग हर स्तर पर यात्रा की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया था कि सीमावर्ती इलाकों से गुजरने वाली यह यात्रा आध्यात्मिक पर्यटन को गति देगी। तीर्थयात्रियों को स्थानीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को करीब से जानने का मौका मिलेगा।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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