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Dehradun Crime : रिटायर्ड बड़े अफसर का बेटा ही निकला महाठग! देहरादून में रौब झाड़ने के लिए बुना था फर्जी IPS का जाल

देहरादून की राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस और सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लाखों की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है और यूपीएससी में फेल होने के बाद उसने फर्जी आईकार्ड और वर्दी के जरिए लोगों से जालसाजी शुरू कर दी थी।

Dehradun Crime : रिटायर्ड बड़े अफसर का बेटा ही निकला महाठग! देहरादून में रौब झाड़ने के लिए बुना था फर्जी IPS का जाल

HIGHLIGHTS

  • मसूरी रोड के सीएसआई तिराहे से आरोपी यशोवर्धन गिरफ्तार
  • रक्षा मंत्रालय में नौकरी के नाम पर 4.60 लाख ठगे
  • कंपनी रजिस्ट्रेशन का झांसा देकर 15 लाख रुपये हड़पे
  • फर्जी वर्दी, आईकार्ड, वायरलेस सेट और विजिटिंग कार्ड बरामद

देहरादून, 16 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Crime : देहरादून की राजपुर पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को कभी आईपीएस तो कभी रॉ का एजेंट बताता था। आरोपी आर० यशोवर्धन की गिरफ्तारी 16 जुलाई 2026 को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे पर चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम ने इसके पास से कई एजेंसियों के फर्जी आईकार्ड और सेना की वर्दियां बरामद की हैं।

यशोवर्धन गढ़ी कैंट स्थित आईएचएम कैंपस की ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी के मकान नंबर पांच का रहने वाला है। 35 वर्षीय इस आरोपी के पिता एस० रामास्वामी एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। पिता के रुतबे और सुविधाओं को देखकर उसने भी बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारी बनने का सपना पाला था।

लंबे समय तक उसने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की। सफलता हाथ न लगने पर उसने फर्जी आईडी कार्ड बनवा लिए। वह लोगों के बीच कभी सीआरपीएफ अधिकारी तो कभी रक्षा मंत्रालय का अफसर बनकर रौब झाड़ता था। भोले-भाले लोगों को प्रभाव में लेकर वह टेंडर पास कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करता था।

8 जुलाई 2026 को थाना कैंट के डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने राजपुर थाने में पहली शिकायत दर्ज कराई। यशोवर्धन ने खुद को बड़ा अधिकारी बताकर अंशुल को साईं मंदिर के पास होटल जिंजर में मिलने बुलाया था। वहां उसने उनकी दिवंगत माता की स्मृति में एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन जल्द कराने का झांसा दिया। इस काम के एवज में उसने अंशुल से 15 लाख रुपये ऐंठ लिए।

इस मामले में राजपुर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच आगे बढ़ने और साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मामले में धारा 336(3), 338 और 340(2) की भी बढ़ोतरी कर दी।

दूसरी शिकायत 15 जुलाई 2026 को कैनाल रोड स्थित सोशल स्टेज हॉस्टल की निवासी डॉ० अनुषा ने दर्ज कराई। यशोवर्धन ने अनुषा के सामने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया और फर्जी विजिटिंग कार्ड दिखाए। उसने रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसलटेंट के पद पर नौकरी दिलाने का पूरा भरोसा दिया।

डॉ० अनुषा से उसने इस काम के लिए 4,60,000 रुपये ठग लिए। इस तहरीर पर राजपुर पुलिस ने धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) बीएनएस के तहत एक और अभियोग पंजीकृत कर लिया। लगातार आ रही शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए देहरादून एसएसपी ने तुरंत राजपुर थाने में एक पुलिस टीम गठित कर दी।

राजपुर पुलिस टीम ने दोनों घटनास्थलों का मुआयना किया और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी सर्विलांस और साक्ष्य संकलन के आधार पर 16 जुलाई को उसकी लोकेशन मसूरी रोड पर ट्रेस हुई। सीएसआई तिराहे के पास पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

पूछताछ में उसने कबूला कि उसके बातचीत के तरीके और वर्दी को देखकर लोग आसानी से उस पर भरोसा कर लेते थे। इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।

तलाशी में उसके पास से 5 फर्जी आई कार्ड और 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड मिले। पुलिस ने 25 पुलिस और आर्मी के लोगो भी जब्त किए हैं। आर्मी और पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दी और 3 फर्जी रिबन भी बरामद हुए हैं। जालसाजी में इस्तेमाल होने वाला एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप भी पुलिस के कब्जे में है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में डालनवाला क्षेत्राधिकारी नितिन लोहानी और राजपुर थानाध्यक्ष उ०नि० पी०डी० भट्ट शामिल थे। उनके साथ उपनिरीक्षक अनित कुमार, कांस्टेबल अमित, कांस्टेबल मोहित और एसओजी के तकनीकी सहायक हेड कांस्टेबल किरण कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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