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हरिद्वार में गंगा स्नान कर रही महिला का वीडियो AI से बनाया अश्लील, हरकी पैड़ी पर भारी आक्रोश

हरिद्वार के मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही महिला के वीडियो से AI द्वारा छेड़छाड़ कर अश्लील क्लिप वायरल करने का मामला सामने आया है। श्री गंगा सभा ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Published On: September 16, 2026 7:34 PM
Haridwar Ganga Snan Video

HIGHLIGHTS

  • मालवीय घाट पर स्नान कर रही महिला का वीडियो AI से बदलकर अश्लील बनाया गया।
  • फैक्ट चेक में मूल वीडियो और छेड़छाड़ की गई क्लिप के बीच फर्क सामने आया।
  • श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने तीर्थ को बदनाम करने की साजिश बताया।
  • हरकी पैड़ी पुलिस चौकी ने वीडियो का संज्ञान लेकर साइबर जांच शुरू की।
  • आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की मांग उठ रही है।

दून हॉराइज़न, हरिद्वार (16 सितंबर): धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले हरकी पैड़ी क्षेत्र स्थित मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही एक महिला श्रद्धालु का वीडियो आधुनिक तकनीक की मदद से विकृत करने की शर्मनाक घटना सामने आई है।

किसी अज्ञात व्यक्ति ने पहले घाट पर स्नान करती महिला की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसके बाद शरारती तत्वों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) टूल्स का इस्तेमाल कर महिला के परिधान बदलकर उसे आपत्तिजनक बना दिया।

यह फर्जी क्लिप सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हुई तो इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने तुरंत इसकी पड़ताल शुरू की। जल्द ही वह मूल क्लिप भी सामने आ गई जिसमें महिला सामान्य और मर्यादित तरीके से स्नान करती दिख रही थी।

फैक्ट चेकर्स ने स्पष्ट किया कि वायरल फुटेज पूरी तरह से छेड़छाड़ करके तैयार किया गया डीपफेक (Deepfake) है। हालांकि इस पूरे प्रकरण ने तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत सुरक्षा और डिजिटल शुचिता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

मालवीय घाट महिला श्रद्धालुओं के स्नान के लिए आरक्षित और बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वहां मोबाइल कैमरों से छिपकर की गई रिकॉर्डिंग और फिर उसका तकनीकी दुरुपयोग स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रहा।

तीर्थ पुरोहितों की शीर्ष संस्था श्री गंगा सभा ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। संस्था के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इसे सनातन धर्म और पवित्र तीर्थ स्थलों की छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका कहना है कि तकनीक के बेलगाम इस्तेमाल से माताओं-बहनों की मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है।

उन्होंने स्थानीय पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि इस फर्जी वीडियो को तैयार करने और उसे फैलाने वाले सभी डिजिटल खातों की पहचान कर उन पर आईटी एक्ट (IT Act) के तहत बिना किसी देरी के गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।

उधर, पुलिस भी मामले को लेकर सतर्क हो गई है। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि वायरल वीडियो का मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है। साइबर सेल की मदद से संबंधित वीडियो फुटेज, उसके अपलोड सोर्स और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है।

जांच पूरी होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की वीडियोग्राफी रोकने के लिए पुलिस अब निगरानी व्यवस्था भी कड़ी करने की तैयारी में है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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