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रुड़की मां-मासूम गैंगरेप केस में बड़ा फैसला, 4 साल बाद मिला इंसाफ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 17 Sep 2026 03:35 PM IST

रुड़की में मां और छह साल की मासूम से गैंगरेप मामले में एडीजे कोर्ट ने 5 दोषियों को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई है। 4 साल बाद फोरेंसिक साक्ष्यों के दम पर पीड़िताओं को इंसाफ मिला।

Roorkee Gangrape Case Verdict

मुख्य बातें

  • अपर जिला एवं सत्र न्यायालय रुड़की ने सभी पांचों दोषियों को सुनाई सश्रम आजीवन कारावास की सजा।
  • महक सिंह, राजीव, सोनू तेजियान, सुबोध और जगदीश पर कुल 9.5 लाख रुपये का अर्थदंड लगा।
  • लाल शर्ट और किसान संगठन का झंडा लगी कार के जरिए 200 से ज्यादा कैमरों से पकड़े गए थे आरोपी।
  • बच्ची के कपड़ों की फोरेंसिक जांच में मिला स्पर्म बना सजा का सबसे निर्णायक वैज्ञानिक आधार।
  • कोर्ट ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 लाख रुपये अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का दिया आदेश।

दून हॉराइज़न, रुड़की (17 सितंबर): रुड़की में चार साल पहले मां और उनकी छह साल की मासूम बच्ची के साथ हुई रोंगटे खड़े कर देने वाली सामूहिक दुष्कर्म की वारदात में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ Court) ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए सभी पांचों अभियुक्तों को दोषी ठहराकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के इस कड़े रुख से साफ हो गया है कि जघन्य अपराधों में कानून किसी भी सूरत में नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

अदालत ने मुख्य अभियुक्त महक सिंह उर्फ सोनू पर डेढ़ लाख रुपये और अन्य चार दोषियों—राजीव उर्फ विक्की, सोनू तेजियान, सुबोध और जगदीश—पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। इस तरह कुल 9.5 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया है।

कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया कि महक सिंह के जुर्माने की आधी रकम और बाकी चार दोषियों के जुर्माने से 75-75 हजार रुपये सीधे पीड़िता को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शारीरिक व मानसिक आघात की भरपाई के लिए सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति सहायता भी दिलाई जाएगी।

झूठे बहाने से सोलानी पार्क ले जाकर शुरू की थी दरिंदगी

घटना 24 जून 2022 की रात की है। कलियर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला अपनी छह साल की बच्ची के साथ मौजूद थी। इमलीखेड़ा निवासी महक सिंह उर्फ सोनू ने उन्हें बाइक पर लिफ्ट देने और कलियर छोड़ने का झांसा दिया। वह दोनों को सोलानी पार्क के सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

इसी दौरान वहां एक सफेद ऑल्टो कार आ धमकी। उसमें मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के रहने वाले चार युवक सवार थे, जो रुड़की से शराब खरीदकर वहां पार्टी करने पहुंचे थे। उनकी कार पर एक किसान संगठन का झंडा लगा था। कार सवार चारों युवकों ने महिला और बच्ची को जबरन गाड़ी में खींच लिया। कोर कॉलेज से मंगलौर जाने वाले कच्चे रास्तों और खेतों में दरिंदों ने महिला के साथ हैवानियत की, जबकि चलती कार में मासूम बच्ची से फिर बर्बरता की गई। वारदात के बाद दोनों को सड़क किनारे बदहवास फेंककर मुजरिम फरार हो गए।

लाल शर्ट और 200 कैमरों ने तोड़ा दरिंदों का नेटवर्क

बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत और एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने बड़े पैमाने पर जांच शुरू की थी। रुड़की के चंद्रशेखर चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को पहला अहम सुराग मिला—बाइक चला रहे संदिग्ध की लाल शर्ट।

इसके बाद जांच की सुई मुजफ्फरनगर और मेरठ बॉर्डर तक घूमी। पुलिस टीमों ने रुड़की से लेकर यूपी सीमा तक 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार किसान यूनियन के झंडे वाली वही संदिग्ध ऑल्टो कार ट्रेस हो गई, जो मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र निवासी राजीव उर्फ विक्की तोमर के नाम पंजीकृत थी। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

वैज्ञानिक साक्ष्य बने सजा की सबसे मजबूत ढाल

सरकारी वकीलों इंद्रपाल बेदी और विवेक कुश ने अदालत के समक्ष ठोस दलीलें रखीं। इस पूरे केस में सबसे निर्णायक भूमिका वैज्ञानिक साक्ष्यों (Forensic Evidence) ने निभाई। पुलिस ने बच्ची के कपड़ों को तुरंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था, जहां कपड़ों पर मिले स्पर्म के डीएनए प्रोफाइलिंग से आरोपियों की सीधी संलिप्तता अकाट्य रूप से साबित हो गई। पुलिस ने बिना किसी ढिलाई के घटना के महज दो महीने के भीतर, 22 अगस्त 2022 को अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने पॉक्सो (POCSO Act) और आईपीसी की सुसंगत गंभीर धाराओं में सभी को ताउम्र जेल की सजा मुकर्रर की।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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