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Dehradun Cyber Fraud : फेसबुक पर ‘सरोज मिश्रा’ से दोस्ती पड़ी भारी, डोईवाला के ठेकेदार ने गंवाए ₹1.20 करोड़

देहरादून के डोईवाला में एक ठेकेदार से फेसबुक पर दोस्ती कर ₹1.20 करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। निवेश के नाम पर हुई इस धोखाधड़ी में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Dehradun Cyber Fraud : फेसबुक पर 'सरोज मिश्रा' से दोस्ती पड़ी भारी, डोईवाला के ठेकेदार ने गंवाए ₹1.20 करोड़

HIGHLIGHTS

  • फेसबुक पर बेंगलुरु की 'सरोज मिश्रा' बनकर युवती ने ठेकेदार को जाल में फंसाया।
  • रियो चेन नामक निवेश प्लेटफॉर्म पर 8 महीने के भीतर ठगे गए ₹1.20 करोड़।
  • रकम निकालने के नाम पर आरबीआई और 18% जीएसटी का डर दिखाकर और पैसे मांगे गए।

देहरादून, 08 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति की मेहनत की कमाई पर बड़ी सेंध लगाई है। फेसबुक पर दोस्ती और फिर भारी मुनाफे का लालच देकर एक ठेकेदार से करीब ₹1.20 करोड़ की ठगी कर ली गई। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद एसटीएफ ने मामले की जांच तेज कर दी है।

फेसबुक से शुरू हुआ ठगी का खेल

डोईवाला निवासी पीड़ित ठेकेदार के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम जुलाई 2025 में शुरू हुआ। फेसबुक पर उनके पास ‘सरोज मिश्रा’ नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसने खुद को बेंगलुरु का निवासी बताया। मैसेंजर पर बातचीत के बाद दोनों व्हाट्सएप पर चैटिंग करने लगे। युवती ने ठेकेदार का भरोसा जीतने के लिए उसे ‘रियो चेन’ (Rio Chain) नामक एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के बारे में बताया और दावा किया कि उसने खुद वहां से ₹5.60 लाख का मुनाफा कमाया है।

किश्तों में जाल में फंसाया

युवती ने ठेकेदार की बात देवराज प्रताप नाम के एक व्यक्ति से कराई, जिसने निवेश के लिए रजिस्ट्रेशन लिंक भेजा। 13 जुलाई 2025 को ठेकेदार ने महज ₹10,000 से निवेश की शुरुआत की। जब शुरुआती निवेश पर ₹1,000 का प्रॉफिट दिखाया गया, तो ठेकेदार लालच में आ गया। इसके बाद जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में कुल ₹1 करोड़ 20 लाख जमा कर दिए।

आरबीआई और जीएसटी के नाम पर दबाव

जब ठेकेदार ने अपनी जमा पूंजी और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया पैंतरा चला। उन्हें बताया गया कि उनकी फाइल आरबीआई (RBI) के पास है। इसके बाद खुद को फ्रॉड मैनेजर बताने वाले अंशुल वर्मा ने फोन कर कहा कि उनकी रकम जीएसटी के दायरे में आती है और उन्हें 18% जीएसटी अतिरिक्त जमा करना होगा। जब पीड़ित ने और पैसे देने से मना किया, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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