Dehradun Monsoon Alert : देहरादून में मानसून को लेकर हाई अलर्ट, प्रमुख सचिव ने दिए कड़े निर्देश

देहरादून में मानसून की दस्तक से पहले जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखते हुए प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। इस दौरान जलभराव से निपटने के लिए 39 डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती, लैंडस्लाइड जोन की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।

Dehradun Monsoon Alert : देहरादून में मानसून को लेकर हाई अलर्ट, प्रमुख सचिव ने दिए कड़े निर्देश

HIGHLIGHTS

  • देहरादून जनपद के 169 नालों में से 153 की सफाई पूरी, शेष 16 नालों पर काम तेजी से जारी।
  • बारिश के दौरान संपर्क विहीन होने वाले 73 गांवों की गर्भवती महिलाओं को एडवांस में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा।
  • आईएसबीटी क्षेत्र में जलभराव की समस्या सुलझाने के लिए एमडीडीए, लोनिवि, नगर निगम और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम गठित।
  • जनपद के 12 लैंडस्लाइड जोन, क्रॉनिक स्लिप जोन और किमाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा योजना पर काम शुरू।

देहरादून, 18 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून में आगामी मानसून के दौरान जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन के खतरों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला प्रभारी और प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में संवेदनशील नदी-नालों, सड़कों और आबादी क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को समय से पहले दुरुस्त करने की समयसीमा तय की गई है। इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस डेटा आधारित विश्लेषण और एडवांस प्लानिंग पर है।

73 गांवों और 89 स्कूलों के लिए विशेष सुरक्षा चक्र

समीक्षा बैठक में सामने आया कि जनपद के 73 गांव ऐसे हैं जहां भारी बारिश के दौरान मुख्य मार्ग प्रभावित होने से कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट जाती है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव काल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से बचाने के लिए मानसून से पहले ही नजदीकी चिकित्सालयों में शिफ्ट करने की नीति बनाई है, जहां उनके रहने और भोजन का खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाएगा। इसके साथ ही, नदी-नालों के किनारे या संवेदनशील रास्तों पर स्थित 89 स्कूलों को चिन्हित कर वहां बच्चों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

आईएसबीटी और जलभराव वाले हॉटस्पॉट के लिए बनी संयुक्त टीम

हर साल राजधानी के आईएसबीटी और आसपास के इलाकों में होने वाले गंभीर जलभराव से निपटने के लिए इस बार एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। एमडीडीए (MDDA), लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन को मिलाकर एक स्पेशल जॉइंट टीम बनाई गई है। यह टीम समन्वित रूप से काम करेगी ताकि जलनिकासी की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके अलावा, शहर में शॉर्ट ड्यूरेशन हाई इंटेंसिटी रेनफॉल (कम समय में अत्यधिक बारिश) वाले इलाकों की मैपिंग कर वहां एडवांस में 39 डी-वॉटरिंग पंप तैनात किए जा रहे हैं।

इस मानसून में देहरादून की सड़कों पर जलभराव की समस्या को कम करने के लिए कुल 169 नालों में से 153 की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। किमाड़ी और अन्य 12 क्रॉनिक स्लिप जोन (भूस्खलन क्षेत्रों) पर मलबे को तुरंत हटाने के लिए हैवी मशीनरी की तैनाती की जा रही है, जिससे मसूरी और आसपास के पर्वतीय रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को लंबे जाम और रास्तों के बंद होने की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही, लीकेज मैपिंग में मिले 18 रिसाव स्थलों को ठीक किया जा रहा है जिससे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो।

ग्राउंड जीरो पर पहुंचे प्रमुख सचिव, पुनर्वास कार्यों की जांच

बैठक के बाद प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्लीगाड़ एवं माझाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां चल रहे आपदा प्रभावितों के पुनर्वास कार्यों और नदी चैनलाईजेशन के प्रोजेक्ट्स की प्रगति देखी। मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वार रूम और कंट्रोल रूम को 24 घंटे सातों दिन (24×7) एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि सूचना मिलते ही तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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