देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेशों की धज्जियां उड़ाना एक गैस एजेंसी को भारी पड़ गया।
शिमला बाईपास रोड स्थित शहीद हीरा गैस एजेंसी द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने न केवल सिलेंडर जब्त किए, बल्कि एजेंसी स्वामी के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज करा दिया है।
जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि नया गांव पेलियो स्थित हीरा गैस एजेंसी उपभोक्ताओं को घर पर सिलेंडर भेजने के बजाय गोदाम से ही वितरण कर रही है। इस लापरवाही के कारण एजेंसी पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो गई थी। सूचना मिलते ही एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।

प्रशासनिक जांच में पाया गया कि एजेंसी मालिक ट्रक के माध्यम से सीधे गोदाम से सिलेंडर बांट रहे थे, जो जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेशों के खिलाफ है। इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पटेलनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। जब्त किए गए सिलेंडर जिला पूर्ति अधिकारी और संबंधित तेल कंपनी की सुपुर्दगी में दे दिए गए हैं।
देहरादून में गैस संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में फिलहाल 75 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलॉग है। हालांकि, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद आज 18,120 से अधिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा है कि उपभोक्ताओं को परेशानी होने पर किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
आम जनता की शिकायतों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए हैं। शाम 5 बजे तक इन माध्यमों से 111 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा कंट्रोल रूम से पूरी सप्लाई चेन की निगरानी कर रहे हैं ताकि बैकलॉग को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।









