ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

UKSSSC घोटाले में ED के छापे से गरमाई सियासत, भाजपा ने हरीश रावत पर साधा सीधा निशाना

UKSSSC भर्ती मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व पीए पर ईडी कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को ड्रामा करार दिया है।

Published On: September 12, 2026 5:11 PM
uksssc recruitment scam

HIGHLIGHTS

  • ईडी कार्रवाई के बाद भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना।
  • हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को पार्टी में सहानुभूति पाने का स्टंट बताया।
  • उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) धांधली के पुराने तारों की जांच जारी।
  • धामी सरकार के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत 34,000 पारदर्शी नियुक्तियों का दावा।
  • दरोगा, पटवारी, सिडकुल और वीडीओ जैसे पुराने मामलों का जिक्र कर घेरा।

दून हॉराइज़न, देहरादून (12 सितंबर): उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC Recruitment Scam) से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता के बाद प्रदेश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव के ठिकानों पर नकदी बरामदगी और जांच की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी खेमे पर चौतरफा हमला बोला है।

धर्मपुर से भाजपा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से अब पुरानी भर्तियों में हुए कथित घालमेल के तार शीर्ष स्तर तक पहुंच रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अपने पद या सक्रिय भूमिका से अलग होने व इस्तीफे की पेशकश पर तंज कसते हुए चमोली ने इसे महज़ “सहानुभूति बटोरने की चाल” करार दिया। उनके मुताबिक कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे पूर्व मुख्यमंत्री अब केंद्रीय आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए यह सियासी दांव चल रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि जब वरिष्ठ नेता अस्वस्थ चल रहे थे, तब भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी सुध नहीं ली और अब जांच का दायरा करीब आते ही ध्यान भटकाने के लिए इस्तीफे की बात उछाली जा रही है।

कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए सत्तापक्ष ने कहा कि जब युवाओं के हक पर डाका डाला गया हो, तो जांच किसी चुनावी कैलेंडर की मोहताज नहीं हो सकती। चमोली ने कहा कि जो लोग जांच के वक्त पर उंगली उठा रहे हैं, वे परोक्ष रूप से मान रहे हैं कि गड़बड़ी हुई थी।

उन्होंने पिछली सरकारों के दौर का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय दरोगा भर्ती, पटवारी, बीडीओ, पशुपालन और सिडकुल से जुड़े प्रकरणों में नियुक्तियों का तंत्र नियमों के बजाय मनमाने ढर्रे पर चलता रहा।

वहीं पुष्कर सिंह धामी सरकार की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि राज्य में लागू किए गए कठोर नकल विरोधी कानून (Anti-Copying Law) के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में ऐतिहासिक पारदर्शिता आई है।

उनके अनुसार वर्तमान व्यवस्था में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि पेपर लीक और नकल गिरोह के दर्जनों मुख्य आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने दोहराया कि जांच एजेंसियों की यह पड़ताल किसी दबाव में नहीं रुकेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले हर व्यक्ति का कानूनी हिसाब तय किया जाएगा।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment