दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (1 अक्टूबर) : घरेलू रसोई गैस पर सरकारी रियायत लेने वाले परिवारों के लिए नियमों का दायरा अब पहले से कहीं अधिक कड़ा हो चुका है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ताजा दिशा-निर्देशों के तहत रियायती दर यानी रेगुलेटेड प्राइस पर गैस सिलेंडर बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication) अनिवार्य कर दिया गया है।
सख्त नियमों के बीच राहत की बात यह है कि जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी लंबित है, उनकी गैस आपूर्ति रोकी नहीं जाएगी। ऐसे उपभोक्ता बुकिंग जारी रख सकते हैं, मगर खाते में आने वाली सब्सिडी का पैसा रोक दिया जाएगा और उन्हें गैर-सब्सिडी वाली बाजार दर पर ही भुगतान करना पड़ेगा।
फर्जीवाड़े पर लगाम और सक्रिय कनेक्शनों का ब्योरा
सब्सिडी वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कवायद अक्टूबर 2023 से ही चल रही थी। सरकार का मुख्य मकसद उन फर्जी या व्यावसायिक ठिकानों को व्यवस्था से बाहर करना है, जो घरेलू कोटे के रियायती सिलेंडर अवैध रूप से खपा रहे थे।
मंत्रालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 19 सितंबर तक देश के कुल 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू उपभोक्ताओं में से 89.9 फीसदी का सत्यापन पूरा दर्ज किया जा चुका था। यानी बहुसंख्य आबादी पहले ही नियमों के दायरे में आ चुकी है। जो उपभोक्ता पहले अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करा चुके हैं, उन्हें दोबारा किसी दफ्तर या केंद्र में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तीन माध्यमों से घर बैठे पूरी करें औपचारिकता

प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में लगने की बाध्यता नहीं है। इसके लिए तीन बेहद व्यावहारिक विकल्प खुले हैं:
- डोरस्टेप सुविधा: जब हॉकर सिलेंडर की आपूर्ति करने घर पहुंचे, तभी उसकी हैंडहेल्ड मशीन से बायोमेट्रिक पुष्टि कराई जा सकती है।
- संबंधित वितरक कार्यालय: उपभोक्ता अपने नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय जाकर कुछ मिनटों में विवरण अपडेट करा सकते हैं।
- मोबाइल ऐप्लिकेशन: तीनों प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह सुविधा सक्रिय की है। इंडेन के ग्राहक ‘IndianOil ONE’, भारत गैस उपभोक्ता ‘HelloBPCL’ और एचपी गैस धारक ‘HP PAY’ ऐप के जरिए घर बैठे चेहरे या फिंगरप्रिंट की मदद से प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।
इस पूरी कवायद से तेल कंपनियों के डेटाबेस में केवल वास्तविक और पात्र परिवार ही सब्सिडी के हकदार बने रहेंगे, जबकि अपात्र कनेक्शन अपने आप छंट जाएंगे।








