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Hammer Missile Production India : भारत में बनेगी राफेल की हैमर मिसाइल, फ्रांस के साथ हुआ बड़ा समझौता

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Parul Sharma Updated Thu, 19 Feb 2026 06:09 PM IST

भारत अब राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे बड़ी ताकत मानी जाने वाली 'हैमर' मिसाइलों का निर्माण स्वदेश में ही करेगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की कंपनी सैफरन (Safran) के बीच हुए इस समझौते के तहत इन घातक मिसाइलों का उत्पादन भारत में होगा। इससे न केवल सेना की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में राफेल विमानों के बेड़े के लिए मिसाइलों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

Hammer Missile Production India

मुख्य बातें

  1. BEL और फ्रांस की सैफरन कंपनी 50-50 फीसदी की भागीदारी के साथ हैमर मिसाइलों का निर्माण करेंगे।
  2. यह मिसाइल हवा से सतह पर 70 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है और 1000 किलो तक विस्फोटक ले जा सकती है।
  3. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने में इन मिसाइलों ने अहम भूमिका निभाई थी।
  4. रूस के साथ ब्रह्मोस के बाद, मिसाइल उत्पादन के क्षेत्र में यह भारत का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय संयुक्त उपक्रम है।

नई दिल्ली, 19 फरवरी 2026। (Hammer Missile Production India ) भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होने जा रहा है क्योंकि अब राफेल विमानों का सबसे घातक हथियार ‘हैमर’ मिसाइल भारत में ही तैयार की जाएगी। मंगलवार को भारत और फ्रांस के बीच एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत ‘हाइली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज’ यानी हैमर मिसाइलों का उत्पादन अब स्वदेशी तकनीक और सहयोग से होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांसीसी दिग्गज सैफरन इस परियोजना को मिलकर धरातल पर उतारेंगे।

मिसाइल निर्माण में भारत-फ्रांस की नई साझेदारी

इस समझौते के अनुसार, फ्रांस की सैफरन कंपनी और भारत की BEL 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ एक जॉइंट वेंचर (संयुक्त उपक्रम) स्थापित करेंगे। यह कदम भारत की रक्षा तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस के साथ ब्रह्मोस मिसाइल के सफल उत्पादन के बाद, यह दूसरा मौका है जब भारत किसी विदेशी शक्ति के साथ मिलकर अपनी धरती पर इतनी उन्नत मिसाइल तकनीक का निर्माण करेगा। इससे भविष्य में आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति मिलेगी।

राफेल की मारक शक्ति और हैमर की खासियत

हैमर मिसाइलें मूल रूप से हवा से सतह पर मार करने वाला एक बेहद सटीक हथियार हैं। राफेल विमानों में फिट होने वाली इन मिसाइलों की मारक क्षमता 70 किलोमीटर तक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये मिसाइलें सीमा पार आतंकी शिविरों, मजबूत बंकरों और दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं। यह मिसाइल लेजर गाइडेड और जीपीएस आधारित तकनीक से लैस है, जो इसे हर मौसम में और दिन-रात प्रभावी ढंग से काम करने के सक्षम बनाती है।

वायुसेना और नौसेना के बेड़े को मिलेगी मजबूती

वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल विमानों का बेड़ा है, जिनमें पहले से ही इन मिसाइलों का उपयोग हो रहा है। इसके अतिरिक्त, मिराज विमानों में भी इनका सफल परीक्षण और उपयोग किया जा चुका है। आगामी समय में नौसेना के लिए 26 राफेल और वायुसेना के लिए अतिरिक्त 114 राफेल विमानों की खरीद प्रक्रिया के बीच, स्वदेश में मिसाइल निर्माण का यह फैसला रणनीतिक रूप से अत्यंत लाभकारी होगा। अब भारत को इन मिसाइलों के लिए बार-बार फ्रांस की ओर नहीं देखना पड़ेगा।

Parul Sharma

पारुल शर्मा 'दून हॉराइज़न' के बिज़नेस सेक्शन की एक अनुभवी आर्थिक एवं व्यापार संवाददाता हैं। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग सेक्टर और पर्सनल फाइनेंस उनकी मुख्य बीट (Beat) है। पारुल को मार्केट के उतार-चढ़ाव और कंज्यूमर ट्रेंड्स का सटीक विश्लेषण करने में खास महारत हासिल है। वह अपनी रिपोर्टिंग में हमेशा प्रामाणिक सरकारी आंकड़ों और विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करती हैं। पारुल का मुख्य उद्देश्य बजट, टैक्स नियमों और निवेश से जुड़ी अहम खबरों को बिना किसी लाग-लपेट के सीधे पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम आदमी का वित्तीय ज्ञान और अधिक मजबूत हो सके।

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