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Haryana News : इस बिज़नेस को करने पर सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

हरियाणा के सिरसा जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मीठे पानी में फिनफिश हैचरी स्थापित करने के लिए सरकार 60 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। इस योजना के तहत 25 लाख रुपये की इकाई लागत तय की गई है, जिसमें लीज पर ली गई जमीन को भी शामिल किया जा सकता है।

Haryana News : इस बिज़नेस को करने पर सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

सिरसा, 27 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत ताजे पानी में नई फिनफिश हैचरी स्थापित करने पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसके माध्यम से मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित हैचरी स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के तहत नई फिनफिश हैचरी की स्थापना के लिए प्रति यूनिट 25 लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति एवं महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा।

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। मीठे पानी की फिनफिश हैचरी की न्यूनतम क्षमता 15 मिलियन फ्राई प्रति वर्ष या 6 करोड़ स्पॉन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, जिसके लिए कम से कम 0.50 हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। हैचरी का संचालन प्रशिक्षित एवं कुशल तकनीकी कर्मचारियों द्वारा किया जाना जरूरी होगा।

योजना के अनुसार हैचरी में ब्रूडर तालाब, नर्सरी तालाब, पालन टैंक, छोटी प्रयोगशाला, बिजली एवं पानी की सुविधा सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं होना अनिवार्य है। साथ ही लाभार्थी को केंद्रीय सहायता प्राप्त हैचरी से उत्पादित बीज किसानों को उचित एवं वहनीय मूल्य पर उपलब्ध करवाना होगा।

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि लंबी अवधि के पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित परियोजनाओं को भी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना जाएगा, बशर्ते पट्टा अवधि कम से कम 10 वर्ष की हो। परियोजना में हैचरी मान्यता की लागत को शामिल करना भी आवश्यक होगा।

योजना के लिए आवेदन करते समय लाभार्थियों को जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, बैंक खाता एवं पैन कार्ड विवरण, फोटो, बिल-रसीद तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे।

विभाग के अनुसार लाभार्थियों को पीएमएमएसवाई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्व-निहित प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने मत्स्य पालन के इच्छुक किसानों एवं युवाओं से इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

Raghubir Singh

रघुबीर सिंह 'दून हॉराइज़न न्यूज़ नेटवर्क' के फाउंडर और डायरेक्टर हैं। संस्था के कुशल संचालन के साथ-साथ वह मुख्य रूप से हरियाणा राज्य की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक खबरों का नेतृत्व करते हैं। हरियाणा की राजनीति, किसानी और स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले रघुबीर, अपने पाठकों तक एकदम सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक संस्थापक के रूप में उनका स्पष्ट विजन 'दून हॉराइज़न' को जनता की सबसे भरोसेमंद आवाज़ बनाना है। तथ्यात्मक जांच (Fact-checking) और बेबाक पत्रकारिता के जरिए उन्होंने न्यूज़ इंडस्ट्री में अपनी एक अमिट और विश्वसनीय पहचान स्थापित की है।

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