Health Tips : आयुर्वेद में स्वस्थ जीवन के लिए कई छोटे लेकिन प्रभावी नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक खास नियम है—हर बार भोजन करने के तुरंत बाद पेशाब (यूरिन पास) करना।
चाहे आप दिन में दो बार भोजन करें या तीन बार, विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत आपके ब्लैडर और यूटरस (गर्भाशय) की लंबी उम्र और सेहत के लिए अनिवार्य है।
ब्लैडर की मांसपेशियों की मजबूती
जैसे ही हम खाना खाते हैं, शरीर में पाचन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हमारे ब्लैडर में पहले से ही कुछ टॉक्सिंस और पानी जमा होता है। पाचन के दौरान जब नए टॉक्सिंस ब्लैडर में पहुंचने लगते हैं, तो वहां दबाव बढ़ जाता है।
यदि ब्लैडर खाली न किया जाए, तो इसकी मांसपेशियों के ढीले होने का खतरा बढ़ जाता है। भोजन के बाद यूरिन पास करने से ब्लैडर खाली हो जाता है और नई गंदगी के लिए जगह बन जाती है, जिससे मसल्स पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
इन्फेक्शन और हार्मोनल हेल्थ
ब्लैडर और यूटरस शरीर में एक-दूसरे के काफी करीब स्थित होते हैं। अगर ब्लैडर में टॉक्सिंस ज्यादा देर तक रुके रहें, तो इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
यह इन्फेक्शन यूटरस तक भी फैल सकता है, जिससे महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की समस्या पैदा हो सकती है। आयुर्वेद कहता है कि यूरिन रोकने से शरीर की ‘अपानवायु’ बाधित होती है।
अपानवायु का संतुलन
आयुर्वेद में अपानवायु का सीधा संबंध शरीर से गंदगी बाहर निकालने की प्रक्रिया से है। जब कोई व्यक्ति भोजन के बाद यूरिन होल्ड करता है, तो यह वायु डिस्टर्ब हो जाती है।
इसका बुरा असर ओव्यूलेशन और मेन्स्ट्रुअल साइकिल जैसे महत्वपूर्ण शारीरिक फंक्शन पर पड़ता है।
शरीर को अंदरूनी रूप से साफ रखने और टॉक्सिंस को बाहर निकालने के लिए भोजन के बाद का यह नियम अपनाना एक बेहतर निवेश है।














