Health Tips : खाने का स्वाद बढ़ाने वाला नमक अगर गलत तरीके से लिया जाए, तो यह शरीर के लिए धीमे जहर की तरह काम करता है। अक्सर लोग सलाद, फल या दही का स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से नमक छिड़क देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह छोटी सी दिखने वाली आदत शरीर के मेटाबॉलिज्म और अंगों की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है।
दही और रायते में नमक के नुकसान
भारतीय घरों में दही और रायते का सेवन खूब होता है, लेकिन इसमें कच्चा नमक मिलाना आयुर्वेद में वर्जित माना गया है।
दही में प्राकृतिक रूप से मौजूद सूक्ष्म बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, जिन्हें नमक खत्म कर देता है।
इसके सेवन से न केवल पाचन बिगड़ता है, बल्कि स्किन और बालों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर रायते में नमक जरूरी हो, तो उसे तड़के के साथ पकाकर डालना बेहतर विकल्प है।
सलाद और जूस का बदल जाता है स्वभाव
सलाद शरीर को हाइड्रेट रखने और फाइबर देने के लिए खाया जाता है। जब इस पर ऊपर से नमक डाला जाता है, तो यह सब्जियों से पानी बाहर निकाल देता है, जिससे सलाद के गुण कम हो जाते हैं।
इसी तरह, फलों के रस में नमक मिलाने से उसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स का प्रभाव घट जाता है। इससे दिनभर का सोडियम इनटेक भी अचानक बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है।
अंगों पर पड़ता है सीधा असर
फलों या जूस में अधिक सोडियम लेने से शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या शुरू हो जाती है। यह स्थिति किडनी पर दबाव डालती है और लंबे समय में दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
पेट फूलना, भारीपन और गैस जैसी समस्याएं भी इसी गलत खानपान का नतीजा होती हैं। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि खाद्य पदार्थों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में ही ग्रहण करना सबसे सुरक्षित है।














