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प्रेगनेंसी में कब्ज और कमजोरी से हैं परेशान? शरीफा का ये जादुई गुण दिलाएगा तुरंत राहत

गर्भावस्था के दौरान शरीफा (सीताफल) का सेवन मां को ऊर्जा देने के साथ-साथ शिशु के मस्तिष्क और हड्डियों के विकास में निर्णायक भूमिका निभाता है। यह फल न केवल कब्ज और तनाव जैसी समस्याओं को दूर करता है, बल्कि आयरन और कैल्शियम की कमी को भी प्राकृतिक रूप से पूरा करता है।

Published On: April 5, 2026 9:42 AM
Sitafal Benefits In Pregnancy

HIGHLIGHTS

  • शरीफा में मौजूद विटामिन B6 शिशु के न्यूरल सिस्टम और ब्रेन डेवलपमेंट को बूस्ट करता है।
  • फाइबर की उच्च मात्रा गर्भावस्था में होने वाली क्रोनिक कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करने में सहायक है।
  • मैग्नीशियम और पोटैशियम का कॉम्बिनेशन मांसपेशियों के खिंचाव को कम कर ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है।

हेल्थ डेस्क, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को ऊर्जा की कमी और अचानक कमजोरी महसूस होने की शिकायत रहती है, ऐसे में शरीफा (Sitafal Benefits In Pregnancy) का प्राकृतिक ग्लूकोज शरीर को तत्काल और स्थिर ऊर्जा प्रदान करता है।

शरीफा का गूदा फाइबर से भरपूर होता है, जो आंतों की सक्रियता बढ़ाकर प्रेगनेंसी में होने वाली गंभीर कब्ज (Constipation) से राहत दिलाता है।

आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह फल शरीर में बढ़े हुए ‘वात’ दोष को शांत करता है, जिससे पेट में गैस, मरोड़ और बेचैनी जैसी समस्याएं स्वतः ही कम होने लगती हैं।

शिशु के शारीरिक विकास की बात करें तो शरीफा में मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस नन्हे मेहमान की हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए आधार तैयार करते हैं।

इसमें मौजूद विटामिन B6 (Pyridoxine) न केवल शिशु के मस्तिष्क विकास में मदद करता है, बल्कि गर्भवती महिला के मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन को भी नियंत्रित करता है।

आयरन की प्रचुर मात्रा होने के कारण यह एनीमिया यानी खून की कमी के खतरे को टालने में सक्षम है। वहीं, इसमें मौजूद विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स मां की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना मजबूत बना देते हैं कि मौसमी संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स रखता है, जिससे प्री-टर्म लेबर पेन जैसी संभावनाओं को कम करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीफा का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है।

इसे दोपहर के समय खाना सबसे बेहतर माना जाता है, ताकि इसके पोषक तत्व शरीर में पूरी तरह अवशोषित हो सकें।


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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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