हेल्थ डेस्क, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को ऊर्जा की कमी और अचानक कमजोरी महसूस होने की शिकायत रहती है, ऐसे में शरीफा (Sitafal Benefits In Pregnancy) का प्राकृतिक ग्लूकोज शरीर को तत्काल और स्थिर ऊर्जा प्रदान करता है।
शरीफा का गूदा फाइबर से भरपूर होता है, जो आंतों की सक्रियता बढ़ाकर प्रेगनेंसी में होने वाली गंभीर कब्ज (Constipation) से राहत दिलाता है।
आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह फल शरीर में बढ़े हुए ‘वात’ दोष को शांत करता है, जिससे पेट में गैस, मरोड़ और बेचैनी जैसी समस्याएं स्वतः ही कम होने लगती हैं।
शिशु के शारीरिक विकास की बात करें तो शरीफा में मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस नन्हे मेहमान की हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए आधार तैयार करते हैं।
इसमें मौजूद विटामिन B6 (Pyridoxine) न केवल शिशु के मस्तिष्क विकास में मदद करता है, बल्कि गर्भवती महिला के मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन को भी नियंत्रित करता है।
आयरन की प्रचुर मात्रा होने के कारण यह एनीमिया यानी खून की कमी के खतरे को टालने में सक्षम है। वहीं, इसमें मौजूद विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स मां की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना मजबूत बना देते हैं कि मौसमी संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स रखता है, जिससे प्री-टर्म लेबर पेन जैसी संभावनाओं को कम करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीफा का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है।
इसे दोपहर के समय खाना सबसे बेहतर माना जाता है, ताकि इसके पोषक तत्व शरीर में पूरी तरह अवशोषित हो सकें।









