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क्या पैर के अंगूठे में काला धागा बांधना सच में फायदेमंद है? जानिए पूरी सच्चाई

पैरों के अंगूठे में काला धागा बांधना केवल परंपरा नहीं बल्कि नाभि खिसकने (Navel Displacement) की समस्या का सटीक आयुर्वेदिक समाधान है। यह सरल उपाय शरीर के केंद्र को संतुलित कर पाचन और आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।

Published On: August 1, 2026 11:42 AM
Ayurveda Health Hacks

HIGHLIGHTS

  • नाभि के खिसकने से होने वाले पेट दर्द और जी मिचलाने जैसी समस्याओं से तुरंत राहत।
  • पैर के अंगूठे की नसों का सीधा संबंध शरीर के केंद्र यानी नाभि से होता है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, काला धागा बांधने से नाभि का केंद्र स्थिर रहता है और शारीरिक कमजोरी दूर होती है।

Ayurveda Health Hacks : आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में शरीर की जटिल समस्याओं के लिए कई ऐसे सरल और अचूक नुस्खे बताए गए हैं, जो आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को भी हैरान कर देते हैं। इन्ही में से एक है पैरों के अंगूठे में काला धागा बांधना, जो सीधे तौर पर मनुष्य के शरीर के केंद्र यानी ‘नाभि’ (Navel) को नियंत्रित करने का काम करता है।

मनुष्य के पेट के ठीक बीच में स्थित नाभि को शरीर का पावर हाउस माना जाता है, क्योंकि इससे शरीर की 72 हजार से अधिक नसें जुड़ी होती हैं। जब कभी भारी वजन उठाने या झटके के कारण यह नाभि ऊपर, नीचे या दाएं-बाएं खिसक जाती है, तो इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है।

नाभि के अपने स्थान से हटने पर आंखों की रोशनी कम होना, लगातार जी मिचलाना, पेट में मरोड़ उठना, भूख न लगना और बेवजह शरीर में भारीपन या थकावट जैसे लक्षण उभरने लगते हैं। हैरानी की बात लग सकती है, लेकिन एक मामूली सा काला धागा इन तमाम परेशानियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है।

दरअसल, शरीर विज्ञान के अनुसार नाभि की मुख्य नसें सीधे तौर पर पैरों के अंगूठों तक पहुंचती हैं। जब अंगूठे पर काला धागा बांधा जाता है, तो वह उन विशिष्ट नसों पर दबाव बनाता है जो नाभि को उसकी जगह पर स्थिर रखने के लिए उत्तरदायी होती हैं।

आयुर्वेद के जानकारों का मानना है कि यह उपाय एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। एक बार अंगूठे में धागा बांध लेने के बाद नाभि के बार-बार खिसकने की समस्या लगभग समाप्त हो जाती है।

यह न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है बल्कि शरीर की ऊर्जा को भी संतुलित बनाए रखता है। यदि आप भी पेट की पुरानी समस्याओं या नाभि के असंतुलन से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का यह ‘रामबाण’ तरीका आपके लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

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Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

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