ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

घर में सूखे फूल रखना बढ़ा सकता है आपकी मुश्किलें, वास्तु शास्त्र में माना गया है बेहद अशुभ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Sat, 21 Mar 2026 07:26 PM IST

घर में रखे सूखे और मुरझाए फूल वास्तु दोष का कारण बनते हैं, जिससे आर्थिक हानि और मानसिक तनाव बढ़ता है। सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए फूलों के मुरझाते ही उन्हें घर से बाहर कर देना चाहिए।

Vastu Tips

मुख्य बातें

  • सूखे फूल नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं जिससे मां लक्ष्मी का वास नहीं होता।
  • दक्षिण-पश्चिम दिशा में फूल या पौधे रखना वैवाहिक जीवन में तनाव पैदा करता है।
  • बेडरूम के बजाय फूलों को हमेशा ड्राइंग रूम में रखना वास्तु के लिहाज से श्रेष्ठ है।

Vastu Tips : अक्सर लोग घरों को सुंदर बनाने के लिए ताजे फूलों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन समय के अभाव में उन्हें बदलना भूल जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखे सूखे फूल केवल कूड़ा नहीं हैं, बल्कि ये नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत बन जाते हैं।

वास्तु विज्ञान में ताजे फूलों को प्राणशक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है, जबकि मुरझाए हुए फूलों की तुलना ‘शव’ से की गई है। जैसे ही फूल अपनी ताजगी खोकर सूखने लगें, उन्हें तुरंत घर से हटा देना चाहिए क्योंकि ये तरक्की में बाधा उत्पन्न करते हैं।

सूखे फूल घर के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य और आपसी संबंधों पर सीधा प्रहार करते हैं। जानकारों के अनुसार, जिन घरों में लंबे समय तक सूखे फूल सजे रहते हैं, वहां बेवजह के झगड़े और गृह क्लेश की स्थिति बनी रहती है।

आर्थिक दृष्टिकोण से भी इन्हें रखना नुकसानदेह साबित होता है। माना जाता है कि सूखे फूलों की मौजूदगी में मां लक्ष्मी का वास नहीं होता, जिससे संचित धन धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और बरकत रुक जाती है।

फूलों को रखने की दिशा का भी विशेष महत्व बताया गया है। घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा (South-West) में कभी भी हरे पौधे या फूल नहीं रखने चाहिए, क्योंकि यह दिशा भारीपन की होती है और यहाँ वनस्पति रखना शुभ कार्यों में अड़चनें पैदा करता है।

बेडरूम में फूलों को रखने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नींद और मानसिक शांति में खलल डाल सकते हैं। फूलों को सजाने के लिए ड्राइंग रूम सबसे उपयुक्त स्थान है, बशर्ते वे ताजे हों और नियमित रूप से बदले जा रहे हों।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

Leave a Comment