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शनिवार रात 8:30 बजे बंद हो जाएंगी उत्तराखंड की लाइटें, राज्यपाल ने जारी किया आदेश

भारत सरकार और उत्तराखंड शासन ने 28 मार्च 2026 को 'अर्थ ऑवर' के 20 साल पूरे होने पर रात 8:30 से 9:30 बजे तक बिजली बंद रखने का फैसला किया है। इस वैश्विक मुहिम के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों और संस्थानों से गैर-जरूरी लाइटें बुझाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की गई है।

शनिवार रात 8:30 बजे बंद हो जाएंगी उत्तराखंड की लाइटें, राज्यपाल ने जारी किया आदेश

HIGHLIGHTS

  • 28 मार्च 2026 को रात 8:30 से 9:30 बजे तक मनाया जाएगा अर्थ ऑवर।
  • राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राजभवन और सरकारी कार्यालयों के लिए जारी किए निर्देश।
  • WWF India की पहल पर देश भर के प्रमुख स्मारकों की लाइटें एक घंटे के लिए बुझाई जाएंगी।

देहरादून। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और धरती को बचाने की वैश्विक मुहिम ‘अर्थ ऑवर’ इस बार अपने सफर के दो दशक पूरे कर रही है। भारत सरकार ने आगामी 28 मार्च 2026 को पूरे देश में इस ऐतिहासिक अवसर को बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक देश के तमाम हिस्सों में गैर-जरूरी बिजली उपकरणों और लाइटों को बंद रखा जाएगा।

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इस अभियान को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शासन ने प्रदेश की जनता, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सरकारी दफ्तरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे शनिवार रात निर्धारित एक घंटे के लिए ऊर्जा संरक्षण का हिस्सा बनें। यह केवल बिजली बचाने का उपक्रम नहीं है, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ एकजुटता दिखाने का एक बड़ा प्रतीक है।

राजभवन भी इस मुहिम में पूरी तरह शामिल हो गया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए लोकभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान से जुड़ने को कहा है। आदेश में स्पष्ट है कि 28 मार्च की रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक कार्यालयों और घरों की फिजूल लाइटें बंद रखी जाएं।

WWF India की ओर से जारी पत्र के आधार पर उत्तराखंड शासन ने इस बार ‘अर्थ ऑवर’ को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। जानकारों का मानना है कि इस एक घंटे के दौरान बिजली की खपत में आने वाली भारी कमी कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होगी। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, देश के प्रतिष्ठित स्मारक और हेरिटेज साइट्स इस दौरान अंधेरे में रहकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना है। इस पहल में केवल सरकारी इमारतें ही नहीं, बल्कि निजी संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी को भी अनिवार्य माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान जन-जागरूकता का एक बड़ा माध्यम बनेगा जिससे ऊर्जा की बर्बादी को रोका जा सके।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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