Maruti eVitara : मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक SUV, ई-विटारा (eVitara) को आधिकारिक तौर पर भारतीय सड़कों पर उतार दिया है। 15.99 लाख रुपये की शुरुआती कीमत वाली यह कार मारुति के इलेक्ट्रिक सफर की पहली बड़ी छलांग है। फरवरी 2026 के आखिरी दिनों में बिक्री शुरू होने के बावजूद, कंपनी ने शुरुआती दौर में ही अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
फरवरी 2026 की सेल्स रिपोर्ट के अनुसार, ई-विटारा ने अपनी लॉन्चिंग के शुरुआती चरण में 214 यूनिट्स की बिक्री की है। इस आंकड़े के साथ मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में 9वें पायदान पर पहुंच गई है। विशेष बात यह है कि सीमित समय और शुरुआती स्टॉक के बावजूद मारुति ने वैश्विक दिग्गज टेस्ला को भारतीय बाजार में पीछे छोड़ दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के आंकड़ों में यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है।
भारतीय बाजार में ई-विटारा का सीधा मुकाबला टाटा नेक्सन ईवी (Nexon.ev) और एमजी जेडएस ईवी (MG ZS EV) जैसे स्थापित खिलाड़ियों से है। जहां नेक्सन ईवी अपनी मजबूती और ब्रांड वैल्यू के लिए जानी जाती है, वहीं मारुति ई-विटारा अपने विशाल सर्विस नेटवर्क और ‘बैटरी एज ए सर्विस’ (BaaS) मॉडल के जरिए ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही है। नेक्सन ईवी की तुलना में ई-विटारा का 61kWh बैटरी पैक लंबी दूरी तय करने वालों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है।

| मॉडल | बैटरी पैक | रेंज (ARAI) | शुरुआती कीमत (एक्स-शोरूम) |
| मारुति ई-विटारा | 49-61 kWh | 440-543 किमी | ₹15.99 लाख |
| टाटा नेक्सन ईवी | 30-45 kWh | 325-489 किमी | ₹12.49 लाख |
| एमजी जेडएस ईवी | 50.3 kWh | 461 किमी | ₹18.98 लाख |
तकनीकी मोर्चे पर, ई-विटारा के डेल्टा ट्रिम में 49kWh की बैटरी दी गई है जो 144hp की पावर जेनरेट करती है। वहीं, इसके जेटा और अल्फा वैरिएंट में बड़ा 61kWh का बैटरी पैक मिलता है, जो 174hp की पावर और 198Nm का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है। सुरक्षा के लिहाज से कंपनी ने इसमें 7 एयरबैग्स, लेवल-2 ADAS और 360-डिग्री कैमरा जैसे आधुनिक फीचर्स शामिल किए हैं।
मारुति इस कार को भारत में ही निर्मित कर वैश्विक बाजारों में निर्यात भी कर रही है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देता है। कंपनी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए BaaS (बैटरी एज ए सर्विस) प्लान भी पेश किया है, जिसके तहत कार की शुरुआती कीमत घटकर 10.99 लाख रुपये तक आ जाती है, हालांकि इसमें प्रति किलोमीटर के हिसाब से बैटरी रेंटल देना होता है।








