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Mohammad Deepak : “भाजपा समेत कई दलों से मिल रहे ऑफर”, राजनीति में कदम रखने पर क्या बोले दीपक कुमार?

उत्तराखंड के कोटद्वार में 'मोहम्मद दीपक' के नाम से चर्चित जिम संचालक दीपक कुमार इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिसके कारण वह पिछले पांच महीनों से अपने जिम का किराया भी नहीं दे पाए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि 26 जनवरी की घटना के बाद से उनके जिम में आने वाले युवाओं की संख्या बेहद कम हो गई है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

Mohammad Deepak : "भाजपा समेत कई दलों से मिल रहे ऑफर", राजनीति में कदम रखने पर क्या बोले दीपक कुमार?

HIGHLIGHTS

  • कोटद्वार के 'हल्क जिम' के संचालक दीपक कुमार ने बताया कि जिम में आने वाले लड़कों की संख्या 200 से घटकर सिर्फ 50-60 रह गई है।
  • दीपक कुमार का दावा है कि उन्हें भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों से जुड़ने के ऑफर मिल रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता सिर्फ परिवार संभालना है।
  • जिम का खर्च न निकलने के कारण वर्तमान में दीपक के घर का खर्च उनकी मां की चाय की दुकान से चल रहा है।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि जनवरी में एक मुस्लिम दुकानदार की मदद करने के बाद से उनके खिलाफ माहौल बनाया गया, जिससे व्यापार ठप हो गया।

कोटद्वार, 27 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से अपनी पहचान रखने वाले जिम संचालक दीपक कुमार इस समय बेहद खराब आर्थिक दौर से गुजर रहे हैं।

पिछले कुछ महीनों में उनके व्यापार पर इसका इतना बुरा असर पड़ा है कि वह बीते पांच महीने से अपने जिम का किराया तक का भुगतान नहीं कर पाए हैं। एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान दीपक ने अपनी इस प्रशासनिक और सामाजिक स्थिति का दर्द साझा किया है।

जिम में घट गई युवाओं की संख्या

कोटद्वार में दीपक कुमार ‘हल्क’ नाम से एक जिम संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि कभी उनके इस जिम में रोजाना करीब 200 लोग कसरत करने आते थे, लेकिन मौजूदा वक्त में यह संख्या सिमटकर महज 50 से 60 रह गई है। इस गिरावट के चलते अब दुकान और जिम का नियमित खर्च निकालना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

दीपक का कहना है कि कोटद्वार के स्थानीय निवासी स्वभाव से बहुत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें एक बात की शिकायत है। जिम छोड़ चुके लोग अब तक वापस नहीं लौटे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि शायद उन युवाओं पर उनके परिवार या किसी बाहरी तत्व का दबाव है कि वे इस जिम में न जाएं।

मां की चाय की दुकान से चल रहा घर का खर्च

आर्थिक तंगी का असर दीपक कुमार के पारिवारिक जीवन पर भी साफ दिखने लगा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में उनके घर का खर्च उनकी मां की चाय की दुकान से होने वाली आय से चल रहा है। दीपक के मुताबिक, उनकी पहली प्राथमिकता इस समय किसी तरह अपने बच्चे की स्कूल फीस जमा करना, उसकी पढ़ाई जारी रखना और घर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। हालात सामान्य होने में अभी कम से कम 5 से 6 महीने का समय और लग सकता है।

राजनीतिक दलों से मिल रहे ऑफर पर रुख साफ

इंटरव्यू के दौरान जब दीपक से राजनीति में आने की संभावनाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ा दावा किया। दीपक के मुताबिक, उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़ने के प्रस्ताव मिल रहे हैं। उन्होंने किसी नेता के नाम का खुलासा किए बिना कहा कि भाजपा से जुड़े एक नेता ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए कहा है।

हालांकि, दीपक कुमार ने राजनीति में कदम रखने की सभी संभावनाओं को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एक सामान्य जीवन जीने में विश्वास रखते हैं और इस समय उनका पूरा ध्यान केवल अपने जिम को वापस पटरी पर लाने और परिवार को संभालने पर केंद्रित है।

26 जनवरी की घटना और पुराने विवाद का भी किया जिक्र

दीपक कुमार ने अपनी इस स्थिति के पीछे 26 जनवरी को हुई एक पुरानी घटना को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि उस दिन उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार की मदद की थी, जिसके बाद से उनके हालात बिगड़ते चले गए। उस मामले का अपडेट देते हुए उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है और वे खुलेआम घूम रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने इलाके में हुई एक और पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक महिला दुकानदार से चप्पल का दाम पूछने आई थी। रात के समय दाम में 20 रुपये का अंतर आने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि महिला ने अपने पति को बुलाया, जो कथित तौर पर बजरंग दल से जुड़ा था। दुकानदार के मुस्लिम होने की जानकारी मिलने पर उसकी पिटाई की गई और रातभर थाने में रखा गया। दीपक के अनुसार, बाद में गौशाला के नाम पर 51 हजार रुपये की पर्ची काटने का दबाव बनाया गया और अंत में 20 हजार रुपये लेकर मामला शांत हुआ, हालांकि उसकी भी कोई रसीद नहीं दी गई।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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