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Nag Panchami Doodh Niyam : क्या नाग पंचमी पर सांप को दूध पिलाना सही है? जानिए धार्मिक परंपरा और सही पूजा विधि

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Mon, 17 Aug 2026 11:27 AM IST

नाग पंचमी पर नाग देवता की प्रतिमा का दूध से अभिषेक करने की परंपरा है, लेकिन जीवित सांप को दूध पिलाना धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से सही नहीं है। जानिए इस पर्व पर पूजन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां।

Nag Panchami Doodh Niyam

Nag Panchami Doodh Niyam : नाग पंचमी का त्योहार आते ही अक्सर यह सवाल सामने आता है कि पूजा के दौरान दूध चढ़ाने का सही तरीका क्या है।

कई लोग श्रद्धा में आकर जीवित सांपों को दूध पिलाने लगते हैं, जबकि धार्मिक ग्रंथों में नाग देवता के प्रतीकात्मक अभिषेक की बात कही गई है। इस दिन की मूल भावना प्रकृति और जीवों के प्रति सम्मान प्रकट करना है, न कि उन्हें किसी तरह का कष्ट देना।

सांप को दूध पिलाना और अभिषेक करना: दोनों में अंतर समझें

पौराणिक कथाओं में नागों को दूध से स्नान यानी अभिषेक कराने का प्रसंग मिलता है। जब जनमेजय के नाग यज्ञ के समय नागों को जलन और अग्नि ताप का सामना करना पड़ा था, तब उन्हें शीतलता देने के लिए दूध से स्नान कराया गया था।

शास्त्रों में नाग देवता की पूजा, तस्वीर या प्रतिमा पर दूध अर्पित करने का विधान है। कहीं भी जीवित सांप को पकड़कर जबरन दूध पिलाने का निर्देश नहीं है।

जीवित सांप को दूध क्यों नहीं पिलाना चाहिए?

सांप रेप्टाइल यानी सरीसृप वर्ग में आते हैं। उनका पाचन तंत्र दूध जैसे तरल पदार्थ को पचाने के लिए नहीं बना होता।

जबरन दूध पिलाने से सांपों के फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है, जो उनके लिए जानलेवा साबित होता है। इसलिए आस्था के नाम पर जीवित सांपों को पकड़ना या उन्हें दूध पिलाना किसी भी तरह उचित नहीं माना जाता।

नाग पंचमी पर पूजा करने का सही तरीका

सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को स्वच्छ करें। घर के मंदिर या पूजा स्थान पर नाग देवता की धातु की प्रतिमा, मिट्टी का स्वरूप या चित्र स्थापित करें।

नाग देवता को जल और कच्चे दूध से प्रतीकात्मक स्नान कराएं। इसके बाद चंदन, हल्दी, अक्षत, फूल और नैवेद्य अर्पित करें।

भगवान शिव की पूजा करें, शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। नाग पंचमी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में धूप-दीप से आरती करें।

नाग पंचमी के दिन इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • पूजा हमेशा नाग देवता की प्रतिमा, चित्र या दीवार पर बनाए गए प्रतीकात्मक स्वरूप की ही करें।
  • सपेरों से जीवित सांप लेकर पूजा करने या फोटो-वीडियो बनाने जैसी गतिविधियों से बचें।
  • पूजा के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को अन्न या जरूरी वस्तुओं का दान करें।

नाग पंचमी श्रद्धा, प्रकृति प्रेम और जीव रक्षा का पावन पर्व है। नाग देवता की प्रतिमा पर विधि-विधान से जल व दूध अर्पित करके आप पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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