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Nainital Molestation Case : नैनीताल के सतोली में युवतियों से छेड़छाड़ करने वाले निकले मुस्लिम, पुलिस वेरिफिकेशन पर उठे सवाल

नैनीताल जिले के सतोली गांव में युवतियों से छेड़छाड़ करने वाले मुरादाबाद के दो आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा। भवाली कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों का शांति भंग में चालान कर लिखित माफीनामे के बाद छोड़ दिया।

Nainital Molestation Case : नैनीताल के सतोली में युवतियों से छेड़छाड़ करने वाले निकले मुस्लिम, पुलिस वेरिफिकेशन पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS

  • सतोली गांव में युवतियों से छेड़छाड़ का प्रयास हुआ
  • ग्रामीणों ने दो आरोपियों को मौके पर ही दबोचा
  • भवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया
  • शांति भंग में चालान कर माफीनामे पर छोड़ा

नैनीताल, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Nainital Molestation Case : नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सतोली में महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से मजदूरी के सिलसिले में सतोली आए दो युवकों ने स्थानीय युवतियों के साथ अभद्रता और मारपीट का प्रयास किया।

घटना के वक्त मौके पर मौजूद गांव की युवतियों और स्थानीय युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा। युवतियों ने आरोपियों का डटकर मुकाबला किया और दोनों की जमकर धुनाई कर दी। विरोध के दौरान आरोपियों के कपड़े फट गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने उनके चेहरे पर कालिक पोत दी और बिच्छू घास लगाकर मौके पर ही सबक सिखाया।

मामले की जानकारी मिलते ही भवाली कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा की अगुवाई में पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों के कब्जे से दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद जिले के दीरारी इलाके के रहने वाले मोहम्मद जावेद और मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है।

पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दोनों आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में बिना शर्त माफीनामा सौंपा। पीड़ित पक्ष और गांव के लोगों ने भी इस लिखित माफीनामे के आधार पर मामले को आगे न बढ़ाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही।

भवाली कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों का शांति भंग की धाराओं में चालान किया। शनिवार को आरोपी युवकों द्वारा दिए गए लिखित माफीनामे और पीड़ित पक्ष की सहमति के आधार पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।

इस पूरी घटना के बाद क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में काम की तलाश में आने वाले मजदूरों का वेरिफिकेशन धरातल पर कितना प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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