नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तर भारत में कुदरत का मिजाज इस कदर बिगड़ा है कि अप्रैल की तपती गर्मी की जगह अब मूसलाधार बारिश (IMD Weather Forecast) और ओलों ने ले ली है।
एक के बाद एक सक्रिय हो रहे दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) ने पूरे मैदानी इलाकों को अपने घेरे में ले लिया है। दिल्ली-NCR में बीती रात हुई जोरदार बारिश के बाद आज भी ठंडी हवाओं का दौर जारी है।
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 8 अप्रैल तक मौसम का यह रौद्र रूप शांत होने वाला नहीं है। रविवार को दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।
खेतों में बिछी ओलों की सफेद चादर
राजस्थान से आ रही तस्वीरें डराने वाली हैं, जहां कई जिलों में इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि जमीन बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और कोटा जैसे संभागों में आज भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का अनुमान है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बेमौसम मार से रबी की फसलों, खासकर गेहूं और सरसों को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है।

महाराष्ट्र और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तो पहले ही 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक फसल तबाह हो चुकी है, और अब उत्तर भारत के किसान इसी डर के साये में हैं।
यूपी-बिहार में बिजली गिरने का खतरा
उत्तर प्रदेश के झांसी, जालौन, मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ जैसे पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। राजधानी लखनऊ, कानपुर और हरदोई में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
बिहार के पटना, गया और रोहतास जैसे जिलों में भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। इस दौरान बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने (Lightning) की प्रबल आशंका है, इसलिए लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठिठुरन
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का अनुमान है, जिससे भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।

जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में भी 7 अप्रैल तक बादल छाए रहेंगे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 7 अप्रैल को जब दूसरा पश्चिमी विक्षोभ अपने चरम पर होगा, तब मैदानी इलाकों में एक बार फिर ओले गिर सकते हैं।
प्रदूषण में भारी गिरावट
इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू दिल्ली की हवा में देखने को मिला है। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘खराब’ श्रेणी से सुधरकर ‘मध्यम’ (137) पर आ गया है।

हालांकि, गिरता तापमान और नमी वाली गर्मी के बीच बदलते मौसम से वायरल बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।










