ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

उत्तराखंड में 22 हजार उपनल कर्मियों के लिए नया आदेश जारी, मानदेय और छुट्टी पर बड़ा फैसला

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 03 Apr 2026 01:45 PM IST

उत्तराखंड सरकार ने 22,000 से अधिक उपनल कर्मचारियों के लिए विभागीय अनुबंध की नई शर्तें लागू कर दी हैं, जिससे उनका मानदेय अब सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगा। हालांकि, इन शर्तों में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में ये कर्मचारी नियमितीकरण का कानूनी दावा नहीं कर पाएंगे, जिसे लेकर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई है।

उत्तराखंड में 22 हजार उपनल कर्मियों के लिए नया आदेश जारी, मानदेय और छुट्टी पर बड़ा फैसला

मुख्य बातें

  • 10 साल की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मियों का अब सीधे विभाग के साथ अनुबंध होगा।
  • सालभर में कुल 27 छुट्टियां (12 आकस्मिक और 15 उपार्जित) मिलेंगी, साथ ही डीए का लाभ भी देय होगा।
  • नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी मानी जाएगी; कर्मचारी नियमितीकरण के लिए किसी भी अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा सकेंगे।

देहरादून, 03 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की धामी सरकार ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात 22 हजार से ज्यादा उपनल कर्मचारियों (Uttarakhand Upnal Employees) के लिए बहुप्रतीक्षित विभागीय अनुबंध के औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह पतियाल द्वारा जारी इस शासनादेश के बाद अब इन कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा, लेकिन इसके साथ ही सरकार ने भविष्य में नियमितीकरण की संभावनाओं पर कानूनी ताला जड़ दिया है।

हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में जारी इन शर्तों के मुताबिक, जिन उपनल कर्मियों ने 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उनका अब सीधे संबंधित विभाग के साथ अनुबंध किया जाएगा। शासन ने साफ कर दिया है कि यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी प्रकृति की है और इसके आधार पर कोई भी कर्मी पक्की नौकरी या नियमितीकरण का दावा पेश नहीं कर सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से कर्मचारी का तबादला कर सकेगा या उसे किसी समकक्ष पद पर समायोजित करने का अधिकार रखेगा। कर्मचारियों को देय मानदेय का निर्धारण सैनिक कल्याण विभाग के मौजूदा जीओ (GO) के आधार पर होगा, जिसमें महंगाई भत्ता (DA) भी शामिल किया गया है।

छुट्टियों के मामले में सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध पर काम करने वाले इन कर्मियों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश और 15 दिन का उपार्जित अवकाश प्रदान किया जाएगा। सेवा विस्तार का फैसला हर बार अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद निर्धारित सरकारी प्रक्रिया और परफॉरमेंस के आधार पर ही लिया जाएगा।

इधर, सरकार के इस कदम को उपनल कर्मचारी महासंघ ने अपने साथ बड़ा धोखा करार दिया है। देहरादून में गुरुवार शाम हुई महासंघ की आपात बैठक में अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा कि सरकार ने अनुबंध की आड़ में नियमितीकरण के रास्ते हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। कर्मचारियों को डर है कि 11 महीने का अनुबंध खत्म होने पर विभाग रिन्यूअल के नाम पर उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।

महासंघ अब इस मामले में संशोधित शासनादेश की मांग को लेकर जल्द ही सैनिक कल्याण मंत्री से मुलाकात कर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर सकता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment