Sonu Nigam Birthday : भारतीय संगीत जगत में अपनी सुरीली आवाज और गायकी की विविधता से लोगों के दिलों पर राज करने वाले सोनू निगम का आज जन्मदिन है।
30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में जन्मे सोनू निगम की गिनती देश के सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय गायकों में होती है।
हिंदी सिनेमा में तीन दशकों से ज्यादा समय से सक्रिय सोनू निगम ने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि कन्नड़, तमिल, मराठी, पंजाबी और बंगाली समेत करीब 32 भाषाओं में 6 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं।
संगीत से भरा बचपन और शुरुआती कदम
सोनू निगम को संगीत की विरासत अपने घर से ही मिली। उनके पिता अगम कुमार निगम खुद एक बेहतरीन गायक रहे हैं। यही वजह रही कि सोनू ने बचपन में ही सुरों को पहचानना शुरू कर दिया था।
सोनू निगम की पहली सार्वजनिक परफॉर्मेंस की कहानी बेहद दिलचस्प है। महज 4 साल की उम्र में जब उनके पिता एक शो में गा रहे थे, तब सोनू ने मंच पर आकर मोहम्मद रफी का प्रसिद्ध गीत ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाया।
नन्हे सोनू की आवाज सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने अपने पिता के साथ शादियों और स्थानीय कार्यक्रमों में गाना शुरू किया।
मुंबई का संघर्ष और पहला बड़ा ब्रेक
संगीतमय सफर को नया आयाम देने के लिए साल 1991 में सोनू निगम अपने पिता के साथ मुंबई आ गए। शुरुआत में उन्हें भी फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और कई जगह से रिजेक्शन झेलना पड़ा।
उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब 1992 में उनकी मुलाकात टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार से हुई। गुलशन कुमार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें ‘रफी की यादें’ एलबम में गाने का मौका दिया।
इसके बाद फिल्म ‘बेवफा सनम’ के गाने ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ ने उन्हें रातों-रात पहचान दिला दी।
‘संदेशे आते हैं’ और सफलता का दौर

सोनू निगम ने टीवी धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ के टाइटल ट्रैक से भी काफी लोकप्रियता हासिल की। लेकिन 1997 में आई फिल्म ‘बॉर्डर’ के देशभक्ति गीत ‘संदेशे आते हैं’ ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
रूपकुमार राठौड़ के साथ गाए इस गाने के लिए उन्हें हर तरफ से सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
‘दिल चाहता है’, ‘कल हो न हो’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘मेनू कौन पहचाने’ से लेकर ‘अग्निपथ’ के ‘अभी मुझमें कहीं’ जैसे गानों ने उन्हें हर पीढ़ी का पसंदीदा गायक बना दिया।
क्यों खास है सोनू निगम की गायकी?
सोनू निगम की सबसे बड़ी खासियत उनकी वर्सटिलिटी यानी हर तरह के गानों में आसानी से ढल जाना है।
चाहे रोमांटिक ट्रैक हो, दर्दभरा नगमा, शास्त्रीय बंदिश या फिर हाई-एनर्जी डांस नंबर, सोनू निगम हर अंदाज में पूरी शिद्दत से अपनी आवाज का जादू बिखेरते हैं।

आज अपने जन्मदिन पर वे न सिर्फ अपने गानों के ज़रिए बल्कि अपने प्रेरणादायक सफर के ज़रिए भी लाखों संगीत प्रेमियों के दिल में बसे हुए हैं।














