नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। बदलते दौर में भारतीय डाकघर अब सिर्फ चिट्ठियों का पता नहीं रहा, बल्कि यह आम आदमी के लिए एक ‘मिनी बैंक’ की भूमिका निभा रहा है। अगर आप शेयर बाजार के जोखिम से दूर और बैंक FD से हटकर किसी सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD) स्कीम आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
यह स्कीम उन नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए डिजाइन की गई है जो एक साथ मोटी रकम जमा नहीं कर सकते, लेकिन हर महीने छोटी-छोटी बचत के जरिए भविष्य की बड़ी जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं।
सिर्फ 100 रुपये से शुरुआत, कोई ऊपरी सीमा नहीं
इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी सुलभता है। आप किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर महज 100 रुपये के साथ अपना RD खाता खुलवा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें निवेश की कोई मैक्सिमम लिमिट तय नहीं की गई है, यानी आप अपनी आमदनी के हिसाब से जितनी चाहें उतनी रकम हर महीने जमा कर सकते हैं। यह लचीलापन उन लोगों को काफी रास आता है जिनकी आय निश्चित नहीं है या जो धीरे-धीरे अपना पोर्टफोलियो बढ़ाना चाहते हैं।
ब्याज का गणित
पोस्ट ऑफिस RD पर फिलहाल 6.7% की वार्षिक दर से ब्याज दिया जा रहा है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह ब्याज ‘क्वार्टरली कंपाउंडिंग’ (तिमाही आधार पर) के साथ आता है। इसका मतलब है कि हर तीन महीने में आपका कमाया हुआ ब्याज आपके मूलधन का हिस्सा बन जाता है, जिससे अगले क्वार्टर में आपको ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।
2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यह दर कई बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनी हुई है, खासकर जब बात पूरी तरह से सरकारी गारंटी और सुरक्षा की हो।
₹3,500 के निवेश पर कितना होगा मुनाफा?
मान लीजिए आप हर महीने अनुशासन के साथ 3,500 रुपये इस स्कीम में डालते हैं। इस तरह 5 साल यानी 60 महीनों में आपकी जेब से कुल 2,10,000 रुपये जमा होंगे। मैच्योरिटी के समय आपको लगभग 2,49,776 रुपये का फंड मिलेगा। इसमें करीब 39,776 रुपये सिर्फ ब्याज की कमाई होगी।
यह गणना 6.7% की वर्तमान दर पर आधारित है। यदि आप इस निवेश को मैच्योरिटी के बाद अगले 5 साल के लिए और बढ़ाना चाहते हैं, तो आप पुरानी ब्याज दर पर ही इसे एक्सटेंड भी कर सकते हैं।
लोन और प्री-मैच्योरिटी के नियम
डाकघर की यह स्कीम सिर्फ बचत तक सीमित नहीं है। अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो खाता खोलने के एक साल बाद आप अपनी जमा राशि का 50% तक लोन ले सकते हैं। इस लोन पर ब्याज दर RD की दर से 2% अधिक होती है। इसके अलावा, यदि आप खाता बंद करना चाहते हैं, तो 3 साल बाद प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति है, हालांकि उस स्थिति में आपको पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट वाली ब्याज दर ही मिलेगी।
बैंकों से मुकाबला
मार्केट ट्रेंड्स को देखें तो जहां SBI और HDFC जैसे बैंक 5 साल की RD पर 7% तक का ऑफर दे रहे हैं, वहीं पोस्ट ऑफिस की ताकत उसकी ‘सॉवरेन गारंटी’ है। बैंकों में ₹5 लाख तक की जमा राशि ही बीमा के दायरे में होती है, लेकिन पोस्ट ऑफिस में आपका एक-एक पैसा भारत सरकार के पास सुरक्षित है। इसके अलावा, डाकघर में टीडीएस (TDS) के नियम बैंकों के मुकाबले थोड़े सरल हैं, जो छोटे निवेशकों को कागजी कार्रवाई से बचाते हैं।












