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पहाड़ में फिर ‘रेफर’ सिस्टम की भेंट चढ़ी गर्भवती, 21 साल की आरती ने रास्ते में तोड़ा दम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sun, 15 Mar 2026 03:22 PM IST

देवप्रयाग के सीएचसी हिंडोलाखाल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण 21 वर्षीय गर्भवती महिला को श्रीनगर रेफर किया गया, जिसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर स्थिति को लेकर भारी जनाक्रोश है और कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

Devprayag Pregnant Woman Death

मुख्य बातें

  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते गर्भवती आरती देवी को श्रीनगर रेफर किया गया था।
  • देवप्रयाग क्षेत्र में पिछले एक महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में यह तीसरी मौत है।
  • उत्तराखंड में मातृ मृत्यु दर (MMR) वर्तमान में प्रति लाख जीवित जन्मों पर 91 के स्तर पर है।

देवप्रयाग। उत्तराखंड के पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर एक मासूम जान पर भारी पड़ गई। देवप्रयाग विधानसभा के सीएचसी हिंडोलाखाल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण 21 वर्षीय गर्भवती महिला आरती देवी को समय पर इलाज नहीं मिल सका। श्रीनगर बेस अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु ने दम तोड़ दिया।

नंदोली पौड़ीखाल निवासी सुनील कुमार की पत्नी आरती को शनिवार सुबह रक्तचाप बढ़ने और बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके चलते उसे तुरंत श्रीनगर रेफर कर दिया गया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसे थम गईं।

हालिया आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में मातृ मृत्यु दर (MMR) में सुधार के दावे किए जा रहे हैं और यह आंकड़ा प्रति लाख 103 से घटकर 91 पर आने की बात कही गई है। हालांकि, देवप्रयाग की यह घटना जमीनी हकीकत को बयां करती है, जहां आज भी सीएचसी केंद्रों पर सृजित पदों के सापेक्ष विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं हैं। हिंडोलाखाल सीएचसी में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के 5 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी विशेषज्ञ वहां तैनात नहीं है।

इस घटना ने स्थानीय लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। पिछले एक महीने में यह तीसरी बार है जब क्षेत्र में एंबुलेंस या समय पर इलाज न मिलने से किसी की जान गई है। बीते माह भी एक गर्भवती महिला ने एंबुलेंस के अभाव में दम तोड़ा था, जबकि गुरुवार को एक घायल महिला की मृत्यु भी रेफरल के फेर में पड़कर हो गई थी।

शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएचसी हिंडोलाखाल पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रभारी चिकित्सक के साथ तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस ने सरकार को तीन सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई, तो क्षेत्र में बड़े स्तर पर जनांदोलन शुरू किया जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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