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पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर भड़के किसान नेता, दी चेतावनी

बठिंडा में 400 किसानों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई की तुलना अंग्रेजी हुकूमत से करते हुए सरकार को लोकतंत्र विरोधी बताया। उगराहां ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।

Published On: February 20, 2026 6:56 PM
पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर भड़के किसान नेता, दी चेतावनी

HIGHLIGHTS

  1. बठिंडा में 400 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर किसान संगठनों में भारी रोष।
  2. जोगिंदर सिंह उगराहां ने पंजाब सरकार की तुलना ब्रिटिश शासन से की।
  3. गांव जिओंद में पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़ने और पथराव का गंभीर आरोप।
  4. एसएसपी ज्योति यादव द्वारा किसानों को 'भीड़' कहने पर उगराहां ने जताई कड़ी आपत्ति।

बठिंडा। पंजाब के बठिंडा में पुलिस द्वारा करीब 400 किसानों पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उगराहां ने मौजूदा सरकार के रवैये को दमनकारी बताते हुए कहा कि यह सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ‘ये तो अंग्रेजों से भी बुरे निकले’, क्योंकि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है लेकिन पंजाब सरकार इसे छीनने पर आमादा है।

पुलिसिया कार्रवाई और गांव जिओंद का विवाद

किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने बठिंडा जिले के गांव जिओंद की घटना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किसान और मजदूर अपने गांव में शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा होकर बैठे थे।

उन्होंने न तो कोई सड़क जाम की थी और न ही किसी सरकारी दफ्तर का घेराव किया था। इसके बावजूद करीब 1500 से 1600 पुलिसकर्मियों ने अचानक मजदूरों के घरों पर धावा बोल दिया। उगराहां का आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान भारी मात्रा में आंसू गैस के गोले छोड़े और किसानों पर पत्थर भी फेंके।

प्रदर्शनकारियों को चोटें और गिरफ्तारी का आरोप

उगराहां ने दावा किया कि पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई में कई किसान और मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिसिया झड़प में एक बुजुर्ग किसान की टांग टूट गई है और एक नौजवान का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ऑफिस के बाहर होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए किसानों को एक रात पहले ही घरों से गिरफ्तार कर लिया गया था। यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक और तानाशाही भरी है।

एसएसपी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव द्वारा प्रदर्शन कर रहे किसानों को कथित तौर पर ‘भीड़’ संबोधित करने पर जोगिंदर सिंह उगराहां ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे कोई अनियंत्रित भीड़ नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों का ऐसा व्यवहार अन्नदाताओं का अपमान है। उगराहां ने साफ कर दिया कि एफआईआर दर्ज करने या जेल भेजने के डरावने हथकंडों से किसान आंदोलन थमने वाला नहीं है, बल्कि यह और तेज होगा।

यूनाइटेड फ्रंट के साथ आगे की रणनीति

जोगिंदर सिंह उगराहां ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) को यूनाइटेड फ्रंट के सभी किसान संगठनों का पूरा समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना भी दबाव बना ले, वे पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का कहना है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और पुलिसिया अत्याचार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे। आने वाले दिनों में बठिंडा समेत पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शनों की नई लहर देखने को मिल सकती है।


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Raghubir Singh

रघुबीर सिंह 'दून हॉराइज़न न्यूज़ नेटवर्क' के फाउंडर और डायरेक्टर हैं। संस्था के कुशल संचालन के साथ-साथ वह मुख्य रूप से हरियाणा राज्य की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक खबरों का नेतृत्व करते हैं। हरियाणा की राजनीति, किसानी और स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले रघुबीर, अपने पाठकों तक एकदम सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक संस्थापक के रूप में उनका स्पष्ट विजन 'दून हॉराइज़न' को जनता की सबसे भरोसेमंद आवाज़ बनाना है। तथ्यात्मक जांच (Fact-checking) और बेबाक पत्रकारिता के जरिए उन्होंने न्यूज़ इंडस्ट्री में अपनी एक अमिट और विश्वसनीय पहचान स्थापित की है।

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