चंडीगढ़, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पंजाब की सीमावर्ती सुरक्षा और आंतरिक कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस बल (Punjab Police Recruitment 2026) के विस्तार का एक बड़ा खाका तैयार किया है। सरकार ने राज्य में पुलिस के स्वीकृत पदों की संख्या को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 1.25 लाख करने का निर्णय लिया है।
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया है कि बॉर्डर स्टेट होने के नाते पंजाब को नशा तस्करी और ड्रोन जैसी नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में पहले चरण के तहत 10 हजार नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिसकी भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
पंजाब में पुलिस की वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो साल 2000 में जवानों और अफसरों की कुल संख्या लगभग 80 हजार थी। पिछले 26 वर्षों में राज्य की आबादी साढ़े तीन करोड़ के पार पहुंच गई, लेकिन पुलिस की नफरी में कोई विशेष इजाफा नहीं हुआ।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से कम होने के कारण अपराध नियंत्रण में दिक्कतें आ रही थीं। अब सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इस अनुपात को सुधारकर जनता को सुरक्षित माहौल देना है।
पाकिस्तान की ओर से होने वाली हथियारों और ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए ‘सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस’ की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैनात BSF की चौकियों से करीब दो किलोमीटर पहले पंजाब पुलिस अपनी चौकियां स्थापित करेगी।
इन छोटी चौकियों पर पंजाब पुलिस के साथ-साथ होमगार्ड के जवानों को भी तैनात किया जाएगा ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इस विशेष मोर्चे के लिए भी भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता है।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया सियासी लाभ के लिए चुनावी वर्षों में लटकाई जाती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अब तक 12,966 रिक्त पदों को भरकर पुलिस विभाग को नई ऊर्जा दी है।
गैंगस्टरवाद, रंगदारी और लूट जैसी वारदातों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को आधुनिक संसाधनों से भी लैस किया जा रहा है। सीएम मान के अनुसार, स्वीकृत पदों को पहले 90 हजार और फिर अंतिम लक्ष्य 1.25 लाख तक ले जाया जाएगा।









