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Raghav Chadha Net Worth : अपनी ही पार्टी में ‘विलेन’ बने राघव चड्ढा? डिप्टी लीडर पद छिनने के बाद संपत्ति पर छिड़ी बहस

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rajat Sharma Updated Sat, 04 Apr 2026 02:38 PM IST

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप-नेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंप दी है। पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों और राघव की 'खामोशी' के बीच उनकी सादगी भरी जीवनशैली और नेटवर्थ की चर्चा तेज हो गई है।

Raghav Chadha Net Worth : अपनी ही पार्टी में 'विलेन' बने राघव चड्ढा? डिप्टी लीडर पद छिनने के बाद संपत्ति पर छिड़ी बहस

मुख्य बातें

  • राघव चड्ढा के पास कोई घर या जमीन नहीं है, उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा बैंक बैलेंस और शेयरों में है।
  • पार्टी ने अनुशासन का हवाला देते हुए उन्हें राज्यसभा में बोलने के समय पर भी पाबंदी लगाने की सिफारिश की है।
  • पत्नी परिणीति चोपड़ा की 74 करोड़ की संपत्ति के मुकाबले राघव के पास केवल एक पुरानी मारुति स्विफ्ट डिजायर कार है।

नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे आंतरिक घमासान ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है, जहां कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद रहे राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप-नेता (Deputy Leader) के पद से हाथ धोना पड़ा है।

पार्टी ने उनकी जगह जालंधर से सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला महज एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय राघव की ‘लंबी चुप्पी’ और हालिया दौर में पार्टी के कोर एजेंडे के बजाय गिंग वर्कर्स और पितृत्व अवकाश जैसे मुद्दों पर उनके फोकस को लेकर नेतृत्व की नाराजगी का नतीजा माना जा रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तो चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए राघव को ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ तक कह डाला। मान का सीधा आरोप है कि जब पार्टी एमएसपी और केंद्रीय फंड जैसे गंभीर मुद्दों पर लड़ रही थी, तब चड्ढा ‘दूसरे स्टेशन’ से बोल रहे थे। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यहां तक कह दिया है कि राघव को पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।

बैंक बैलेंस और सादगी 

सियासी गलियारों में उनकी साख पर उठते सवालों के बीच राघव चड्ढा की वित्तीय स्थिति फिर से सुर्खियों में है। 2022 में राज्यसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक, राघव की कुल चल संपत्ति करीब 37 लाख रुपये दर्ज की गई थी।

उनके पास 30 से 40 हजार रुपये की नकदी और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 30-40 लाख रुपये जमा हैं। निवेश के मामले में वे काफी सधे हुए नजर आते हैं, जहां उन्होंने शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में करीब 6.35 लाख रुपये लगाए हैं। इसके अलावा, उनके पास 90 ग्राम सोने के आभूषण हैं, जिनकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 13-14 लाख रुपये के आसपास बैठती है।

न बंगला, न जमीन 

राघव चड्ढा की प्रोफाइल में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक कद्दावर नेता और चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के बावजूद उनके नाम पर कोई अचल संपत्ति (Immovable Property) नहीं है। न उनके पास दिल्ली में अपना घर है और न ही कहीं कोई पुश्तैनी जमीन या कमर्शियल प्लॉट।

वाहनों के शौकीनों के लिए भी राघव का गैरेज काफी साधारण है। उनके पास सिर्फ एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार है, जिसकी घोषित कीमत महज 1.32 लाख रुपये है।

हालांकि, डेलॉयट और ग्रांट थॉर्नटन जैसी दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके राघव की प्रोफेशनल कमाई और निवेश को देखते हुए कुछ अनौपचारिक रिपोर्ट्स उनकी नेटवर्थ 30-35 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान लगाती हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों में वे अब भी एक ‘मिडिल क्लास’ प्रोफाइल ही बनाए हुए हैं।

पत्नी परिणीति चोपड़ा  

जब बात राघव और उनकी पत्नी बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की आती है, तो आंकड़ों का अंतर जमीन-आसमान का दिखता है। जहां राघव के पास अपना घर तक नहीं है, वहीं परिणीति मुंबई के बांद्रा में 22 करोड़ रुपये के आलीशान सी-फेसिंग अपार्टमेंट की मालकिन हैं।

परिणीति की कुल नेटवर्थ लगभग 74 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनके कार कलेक्शन में भी रेंज रोवर वोग (1.30 करोड़), ऑडी Q4 और ऑडी Q7 जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं। यह तुलना इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि राघव ने राजनीति की शुरुआत ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन से की थी और उनकी छवि हमेशा से एक साफ-सुथरे और साधारण कार्यकर्ता की रही है।

Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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