Sunidhi Chauhan Filmi Career : भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में जब भी हाई-एनर्जी और दमदार आवाज की बात होती है, तो सुनिधि चौहान का नाम सबसे आगे आता है।
तीन दशकों से ज्यादा समय से अपनी गायकी से श्रोताओं को झुमाने वाली सुनिधि का सफर आसान नहीं रहा। छोटी उम्र में बड़े फैसले, निजी जिंदगी में उतार-चढ़ाव और करियर में आई चुनौतियों को पार करके उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
बचपन से था संगीत का शौक
सुनिधि चौहान का जन्म 14 अगस्त 1983 को नई दिल्ली में हुआ था। उनका शुरुआती नाम निधि चौहान था। घर में पिता के थिएटर से जुड़े होने की वजह से उन्हें बचपन से ही कला और संगीत का माहौल मिला।
महज 4-5 साल की उम्र से ही उन्होंने दिल्ली के स्थानीय कार्यक्रमों और छोटे मंचों पर गाना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने पूरा सहयोग दिया और 11 साल की उम्र में वे मुंबई आ गए।
मुंबई आकर वह दिग्गज संगीतकार कल्याणजी के संगीत ग्रुप ‘लिटिल वंडर्स’ की मुख्य गायिका बनीं। यहीं से उन्हें बड़े मंचों पर गाने का आत्मविश्वास मिला।
जब लता मंगेशकर के हाथों मिला सम्मान
साल 1996 में उन्होंने फिल्म ‘शस्त्र’ के गाने ‘लड़की दीवानी देखो’ से फिल्मों में कदम रखा। इसी दौरान 13 साल की उम्र में उन्होंने दूरदर्शन के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो ‘मेरी आवाज सुनो’ में हिस्सा लिया।
सुनिधि इस शो की विजेता बनीं और उन्हें संगीत की दिग्गज लता मंगेशकर के हाथों ट्रॉफी मिली। यह पल उनके हौसले को नई उड़ान देने वाला साबित हुआ।
‘मस्त’ से मिली इंडस्ट्री में बड़ी पहचान
करियर की शुरुआत में सुनिधि की अलग और भारी आवाज को लेकर कई तरह की बातें हुईं, लेकिन उन्होंने अपनी इस खूबी को ही अपनी ताकत बनाया।
साल 1999 में फिल्म ‘मस्त’ का गाना ‘रुकी रुकी सी जिंदगी’ उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक से बढ़कर एक हिट ट्रैक दिए:
- ‘महबूब मेरे’ (फिजा)
- ‘धूम मचाले’ (धूम)
- ‘बीड़ी जलाईले’ (ओमकारा)
- ‘देसी गर्ल’ (दोस्ताना)
- ‘शीला की जवानी’ (तीस मार खां)
- ‘कमली’ (धूम 3)
निजी जिंदगी की चुनौतियां और वापसी
सुनिधि ने बेहद कम उम्र, यानी करीब 18 साल की उम्र में कोरियोग्राफर बॉबी खान से शादी की थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और एक साल के भीतर दोनों अलग हो गए।
तलाक के बाद उन्हें भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह के मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा गायकी में लगा दी और लगातार मेहनत करती रहीं।
बाद में उन्होंने संगीतकार हितेश सोनिक से विवाह किया और आज वे अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जीवन जी रही हैं।
आज के युवाओं के लिए सीख
सुनिधि चौहान की जिंदगी यह सिखाती है कि टैलेंट के साथ-साथ अनुशासन और मुश्किल समय में टिके रहने की क्षमता सबसे ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कभी भी असफलताओं को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, बल्कि हर चुनौती को अपनी मजबूती बनाया।











