देहरादून। रंगों का त्योहार होली उल्लास और खुशियों का प्रतीक है। लेकिन अक्सर इस दौरान कुछ अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं। इसे देखते हुए देहरादून पुलिस (Dehradun Police) ने सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। हुड़दंगियों को साफ संदेश दे दिया गया है कि अगर त्योहार की आड़ में किसी ने भी कानून हाथ में लेने की कोशिश की, तो उसकी जगह सीधे सलाखों के पीछे होगी।
पूरे जिले को 3 सुपर जोन में बांटा गया
पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए पूरे देहरादून जिले को 3 सुपर जोन, 8 जोन, 21 सेक्टर और 53 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं, जोन में क्षेत्राधिकारी (CO), सेक्टर में थाना प्रभारी और सब-सेक्टर में उपनिरीक्षक (SI) रैंक के अधिकारी मोर्चे पर तैनात रहेंगे। दरअसल, वरिष्ठ अधिकारी नहीं चाहते कि किसी भी स्तर पर सुरक्षा या मॉनिटरिंग में कोई चूक हो।
थाना क्षेत्रों में मोबाइल पार्टी और स्टेटिक फोर्स को लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तुरंत एक्शन लेने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में पीसीआर (PCR) वैन पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी। पुलिस ने पहले ही उन लोगों को चिन्हित कर लिया है, जिनका पुराना रिकॉर्ड त्योहारी सीजन में विवाद खड़ा करने का रहा है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ जरूरी निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।
सोशल मीडिया की 24 घंटे निगरानी
ग्राउंड जीरो के साथ-साथ पुलिस की एक टीम वर्चुअल दुनिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है। सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 मॉनिटरिंग की जा रही है। बता दें कि भ्रामक खबरें या विवादित पोस्ट डालकर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले के विभिन्न स्थानों पर होने वाले होलिका दहन को लेकर भी पुलिस ने आयोजकों के साथ बैठकें की हैं। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम सिर्फ तयशुदा जगहों पर ही होंगे। किसी भी इलाके में कोई नई परंपरा शुरू करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। दून पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाएं, लेकिन उनकी वजह से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सभी थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकों के जरिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों को भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के इस पुलिसिया अभियान से जोड़ा गया है।









