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हथियारों और चोरी के शौकीन इन दो बदमाशों को DM ने सीमा से निकाला बाहर, 6 महीने की पाबंदी

देहरादून जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने विकासनगर क्षेत्र के दो कुख्यात अपराधियों, आसिफ और राहुल कश्यप को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है। इन दोनों पर आर्म्स एक्ट, चोरी और मारपीट समेत दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिसके चलते लोक शांति बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

हथियारों और चोरी के शौकीन इन दो बदमाशों को DM ने सीमा से निकाला बाहर, 6 महीने की पाबंदी

HIGHLIGHTS

  • विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के दो शातिर अपराधी 6 महीने के लिए देहरादून की सीमा से बाहर।
  • अभियुक्तों को कोर्ट में पक्ष रखने का मौका मिला था, लेकिन उपस्थित न होने पर हुई कार्रवाई।
  • बिना अनुमति जनपद में प्रवेश करने पर होगी कठोर दंडात्मक कार्रवाई।

देहरादून, 02 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने विकासनगर के दो शातिर अपराधियों, आसिफ और राहुल कश्यप को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 06 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून की रिपोर्ट और विकासनगर कोतवाली प्रभारी की संस्तुति पर यह एक्शन लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, इन अपराधियों की समाज में इतनी दहशत थी कि आम जनता इनके खिलाफ गवाही देने से भी कतराती थी।

विकासनगर के इन अपराधियों पर हुई कार्रवाई

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहला अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद (निवासी मुस्लिम बस्ती, विकासनगर) एक आदतन अपराधी है। उसके विरुद्ध कोतवाली विकासनगर में 15 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसमें आर्म्स एक्ट (हथियार रखने), लूट, मारपीट और हाल ही में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामले शामिल हैं। आसिफ की गतिविधियां लंबे समय से पुलिस की रडार पर थीं।

वहीं, दूसरा अभियुक्त राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप (निवासी जीवनगढ़, विकासनगर) भी कुख्यात श्रेणी में शामिल है। राहुल के खिलाफ चोरी, आबकारी अधिनियम (अवैध शराब) और आर्म्स एक्ट के कई मामले लंबित हैं। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने माना कि इन दोनों का जिले में रहना लोक शांति और जनहित के लिए खतरा है।

अवसर मिलने के बाद भी न्यायालय नहीं पहुंचे अभियुक्त

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने कार्रवाई से पूर्व दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए विधिवत नोटिस जारी किए थे। हालांकि, पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद न तो अभियुक्त न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए और न ही उन्होंने अपनी सफाई में कोई आपत्ति दर्ज कराई। साक्ष्यों और उनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें ‘गुंडा’ घोषित कर तड़ीपार करने का फैसला सुनाया।

आदेश का उल्लंघन पड़ा भारी

DM सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोनों अपराधी आदेश की तिथि से 06 माह तक देहरादून जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्हें अपने वर्तमान निवास स्थान की जानकारी संबंधित न्यायालय और थाने को देनी होगी। यदि वे बिना अनुमति जिले की सीमा में पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध नई धाराओं में कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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