दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर 2026): औद्योगिक नगरी सेलाकुई में बेखौफ घूम रहे वाहन चोरों के मंसूबों पर दून पुलिस ने पानी फेर दिया है। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कंपनी के बाहर से उड़ाई गई स्कूटी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए युवक की पहचान 22 वर्षीय सुनील सिंह कुंवर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीमांत जिले चमोली का निवासी है और यहां मजदूरी करता था।
फैक्ट्री के बाहर से गायब हुई थी हिमाचल नंबर की स्कूटी
मामले के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले स्थित पांवटा साहिब (बदरपुर) निवासी गौतम ने 10 सितंबर को सेलाकुई थाने में तहरीर दी थी। पीड़ित ने बताया कि सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में कृष कंपनी के पास खड़ी उनकी सफेद रंग की एक्टिवा (HP 17E 2855) को किसी अज्ञात चोर ने पार कर दिया। तहरीर मिलते ही पुलिस हरकत में आई और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 137/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
एसएसपी देहरादून के कड़े निर्देशों के बाद उपनिरीक्षक कृपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और फैक्ट्री एरिया के प्रमुख मार्गों पर लगे क्लोज्ड सर्किट कैमरों (CCTV Footages) को खंगाला।
फुटेज में दिखे संदिग्ध हुलिए और मूवमेंट के आधार पर मुखबिरों का जाल बिछाया गया। 10 सितंबर को ही पुलिस को सटीक सूचना मिली कि संदिग्ध युवक चुराई गई स्कूटी के साथ मिलन चौक से नदी की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर देखा गया है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
सैलरी से नहीं संभल रहे थे शौक, इसलिए चुना जुर्म का रास्ता
पूछताछ के दौरान आरोपी सुनील सिंह कुंवर (निवासी ग्राम लंगसी, थाना जोशीमठ, जिला चमोली) ने जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह सेलाकुई की ही एक फैक्ट्री में बतौर मजदूर काम करता है। सीमित आमदनी में उसके महंगे शौक और निजी खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे थे।
इसी फेर में उसने कंपनी के बाहर खड़ी स्कूटी का लॉक तोड़कर चोरी कर ली। वह वाहन को किसी तीसरे व्यक्ति को औने-पौने दाम में बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा था, लेकिन सौदा होने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस खुलासे में उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, हेड कांस्टेबल नीरज शुक्ला, कांस्टेबल संदीप कुमार, इरशाद और बीर सिंह की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों में भी उसकी संलिप्तता तो नहीं है।















