दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से उमस और तेज धूप झेल रहे मैदानी व पर्वतीय इलाकों में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र (Uttarakhand Weather Alert) ने शुक्रवार से राज्य के सात जनपदों में गर्जना और आकाशीय बिजली के साथ मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ों पर बारिश की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर का जोखिम अचानक बढ़ गया है।
देहरादून समेत 7 जिलों में आफत बन सकती है बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होगी, लेकिन सात जिलों में बादलों का मिजाज आक्रामक रह सकता है। इनमें राजधानी देहरादून के अलावा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन सभी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) होने के स्पष्ट आसार हैं।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से खुले स्थानों, नदी-नालों के करीब रहने वाले लोगों और यात्रा कर रहे मुसाफिरों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित पक्के आश्रयों में रहने की हिदायत दी है।
पारा सामान्य से 4 डिग्री ऊपर, उमस के बाद बादलों का डेरा
बारिश का नया दौर शुरू होने से ठीक पहले दून घाटी में पारे ने तीखे तेवर दिखाए। देहरादून में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सामान्य औसत से करीब 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। रात का न्यूनतम तापमान भी 23.7 डिग्री रहा।
पर्वतीय नगरों की स्थिति देखें तो:
- मुक्तेश्वर में पारा अधिकतम 21.2 और न्यूनतम 15.3 डिग्री दर्ज हुआ, जहां 0.1 मिमी बारिश गिरी।
- नई टिहरी में दिन का तापमान 26.2 डिग्री और रात का 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
- पिथौरागढ़ सीमांत क्षेत्र में 14.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि खटीमा में 4 मिमी और मसूरी में 0.3 मिमी हल्की फुहारें दर्ज हुईं।
- तापमान में आई इस उछाल के बाद वायुमंडल में बनी नमी अब पश्चिमी और स्थानीय विक्षोभ के साथ मिलकर तेज बौछारों में तब्दील हो रही है।
लामबगड़ में 25 जिंदगियां बचीं, टिहरी में पेड़ पर अटकी पिकअप

खराब मौसम की दस्तक के बीच चारधाम यात्रा मार्गों पर गुरुवार को तकनीकी खराबी के चलते दो गंभीर हादसे होते-होते बचे। बदरीनाथ धाम के दर्शन कर 25 तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार लौट रही एक यात्री बस लामबगड़ के संवेदनशील हिस्से के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। चालक के अनुसार मोड़ पर वाहन का स्टेयरिंग लॉक हो गया और ब्रेक ने भी काम करना बंद कर दिया। बस सीधे खाई में जाने के बजाय सड़क किनारे लगे बड़े पत्थर से जा टकराई।
हादसे की सूचना मिलते ही गोविंदघाट पुलिस ने स्थानीय आपदा दल और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 25 श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित रहे, जिन्हें बाद में पुलिस ने वैकल्पिक वाहन से हरिद्वार रवाना किया। लामबगड़ का यह हिस्सा वैसे भी मॉनसून में बोल्डर और मलबे के लिए कुख्यात माना जाता है।
उधर, नई टिहरी के थाना छाम अंतर्गत नागराजाधार में सुबह करीब 5:40 बजे देहरादून से उत्तरकाशी जा रही एक ई-कॉमर्स डिलीवरी पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई। वाहन का ब्रेक फेल होने से वह सीधे ढलान पर लुढ़क गया, गनीमत रही कि पिकअप नीचे खड़े एक मजबूत चीड़ के पेड़ के तने में फंस गई। छाम पुलिस और 108 आपातकालीन सेवा दल ने मौके पर पहुंचकर केबिन में फंसे पीलीभीत (यूपी) निवासी 37 वर्षीय चालक कमल को रस्सियों के सहारे निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
स्थानीय जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ नेशनल हाईवे के स्लाइडिंग जोन पर अनावश्यक रात का सफर टालें।













