न्यूयॉर्क, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। हॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली फिल्मों की जब भी बात होती है, तो ‘The Godfather’ का नाम सबसे ऊपर आता है। साल 1972 में रिलीज हुई यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि अपराध और परिवार के बीच उलझे मानवीय रिश्तों का एक ऐसा दस्तावेज है, जिसे आज भी दुनिया भर के फिल्म स्कूल एक गाइड की तरह इस्तेमाल करते हैं।
फिल्म की कहानी मुख्य रूप से शक्तिशाली माफिया ‘कोरलेओन’ परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। परिवार के मुखिया डॉन वीटो कोरलेओन (मार्लन ब्रांडो) पुराने खयालात के अपराधी हैं, जो ड्रग्स के धंधे को समाज के लिए जहर मानते हैं।
जब वह इस काले कारोबार में शामिल होने से इनकार करते हैं, तो शहर के विरोधी गैंग उन पर जानलेवा हमला कर देते हैं। यहीं से शुरू होता है बदला और सत्ता का वो खूनी खेल, जिसमें पूरा परिवार झोंक दिया जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि माइकल कोरलेओन (अल पचीनो), जो पहले खुद को अपराध की दुनिया से दूर रखना चाहता था, अपने पिता और भाइयों की रक्षा के लिए मैदान में उतरता है। एक मासूम दिखने वाला शख्स कैसे धीरे-धीरे न्यूयॉर्क का सबसे चतुर और निर्दयी माफिया लीडर बन जाता है, कोपोला ने इसे पर्दे पर बेहद बारीकी से उतारा है।
बॉक्स ऑफिस का वो रिकॉर्ड जो आज भी है खास
महज 6 से 7 मिलियन डॉलर (तत्कालीन करीब 50-80 करोड़ रुपये) के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी थी। रिलीज के वक्त इसने घरेलू स्तर पर 136 मिलियन डॉलर और वैश्विक स्तर पर 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कारोबार किया। एक समय पर यह दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई थी। आज के दौर में अगर महंगाई को जोड़कर देखा जाए, तो यह आंकड़ा अरबों डॉलर में पहुंचता है।

अनसुना सच
फिल्म को 10 श्रेणियों में ऑस्कर नॉमिनेशन मिला था, जिसमें से इसने ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ और ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ सहित 3 बड़े पुरस्कार जीते। लेकिन एक ऐतिहासिक घटना तब हुई जब मार्लन ब्रांडो ने अपना ‘बेस्ट एक्टर’ का ऑस्कर लेने से मना कर दिया। उन्होंने विरोध के तौर पर अपनी जगह एक नेटिव अमेरिकन कार्यकर्ता को मंच पर भेजा था, ताकि हॉलीवुड में मूल अमेरिकियों के साथ होने वाले भेदभाव की ओर दुनिया का ध्यान खींचा जा सके।
फिल्म की शूटिंग को लेकर भी एक रोचक तथ्य यह है कि फिल्म के कई मुख्य सीन सिसिली (इटली) के सावोका गांव में शूट हुए थे। डायरेक्टर कोपोला ने असली ‘कोरलेओन’ गांव को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह 1970 के दशक तक बहुत आधुनिक हो चुका था, जबकि उन्हें 1940 के दशक वाला पुराना माहौल चाहिए था। अगर आपने अभी तक यह मास्टरपीस नहीं देखी है, तो यह ‘जिओ हॉटस्टार’ (Jio Cinema) पर उपलब्ध है।










